
देहरादून: उत्तराखंड के पौड़ी जनपद में स्थित श्रीनगर से कुछ दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत श्रीकोट की 19 साल की अंकिता भंडारी अब हमारे बीच नहीं रही है। लेकिन अंकिता के जानने वाले अब भी इस खबर पर विश्वास नही कर रहे हैं। पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है और लोगों में आक्रोश।
बेहद कमजोर और गरीब पृष्ठभूमि की अंकिता ने अपने पिता की मदद करने और परिवार की माली हालत सुधारने के लिए मजबूत इरादों के साथ नौकरी का फैसला लिया था। तहसील यमकेश्वर के गंगा भोगपुर स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में अंकिता को रिसेप्शनिस्ट की नौकरी मिली लेकिन कोई नहीं जानता था कि इसी नौकरी के कुछ ही दिनों बाद यहां से अंकिता की हत्या की खबर सामने आयी।
स्कूल में किया था टॉप
अंकिता को जानने वाले बताते हैं कि वह एक होनहार छात्रा थी। वह अपनी पढ़ाई को लेकर बेहद लगनशील, मेहनती व अनुशासित छात्रा थी। पौड़ी शहर के बीआर मार्डन स्कूल से उसने इंटरमीडिएट की परीक्षा 88 फीसदी अंकों के साथ पास किया। उसने 12वीं में अपना स्कूल टॉप किया और उसके बाद उसने देहरादून से एक वर्षीय होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया था।
अंकिता को मिला था अवार्ड
पौड़ी शहर के बीआर मार्डन स्कूल के प्रधानाचार्य दामोदर प्रसाद ममगांई ने बताया कि अंकिता भंडारी ने वर्ष 2011 में बीआर मार्डन स्कूल पौड़ी में कक्षा 4 में प्रवेश लिया था। अंकिता अनुशासन प्रिय होने के अलावा पठन-पाठन में काफी मेहनती रही। विद्यालय में बेहतर अंक लाने पर उसे सम्मानित भी किया गया। बारहवीं में टॉपर होने के साथ-साथ उसे Business सब्जेक्ट में भी बेस्ट स्टूडेंट का अवार्ड मिला था।
पिता के साथ गई थी पहले दिन जॉब पर
होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने के बाद अंकिता को ऋषिकेश के पास स्थित इस रिजॉर्ट में वैकेंसी के बारे में पता चला था। उसने अप्लाई किया और विलक्षणता के आधार पर उसे वहां नौकरी मिली। बताते हैं कि नौकरी मिलने के बाद बहुत खुश थी। ज्वाइनिंग के दिन वह अपने पिता के साथ गंगा भोगपुर के वनतारा रिजॉर्ट गई थी।
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घर की आर्थिक स्थिति के कारण बनी रिसेप्शनिस्ट
अंकिता के परिजन बताते हैं कि एक अच्छे करियर का सपना देखने के बावजूद इस 19 वर्षीय लड़की ने घर की आर्थिक स्थिति के कारण रिसेप्शनिस्ट की नौकरी का विकल्प चुना। उसने 1 सितंबर से रिजॉर्ट में नौकरी शुरू की थी और अपनी पहली सैलरी लेने से पहले ही उसकी हत्या कर दी गई।
परिजन नहीं कर रहे अंतिम संस्कार
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड के लोगों का आक्रोश जारी है। अंकिता 19 सितंबर से लापता थी और कल शुक्रवार सुबह अंकिता का शव नहर से बरामद किया गया। ऋषिकेश एम्स में अंकिता का पोस्टमार्टम हो चुका है लेकिन अंकिता के परिजन उसका अंतिम संस्कार करने से मना कर रहे हैं।
पीड़ित परिजनों की मांग है कि जब तक अंकिता की पूरी व डिटेल पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक वे उसका अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पीड़ित परिजन इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग कर रहे हैं ताकि दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा हो सके।
Published : 25 September 2022, 1:48 PM IST
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