
नयी दिल्ली: अडाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड पर कोयला घोटाले का आरोप लगाने के एक दिन बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को दावा किया कि छत्तीसगढ़ की खदानों से कंपनी द्वारा निकाले गये कोयले का इस्तेमाल ‘वाशरी’ के बहाने उसके एक ऊर्जा संयंत्र में किये जाने से जुड़े विषय की जांच कराने की केंद्रीय विद्युत मंत्रालय की मांग पिछले साल खारिज कर दी गई थी।
आप प्रवक्ता संजय सिंह ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि इस विषय को लेकर उद्योगपति गौतम अडाणी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
सिंह ने दावा किया कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ की खदानों से अडाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड द्वारा निकाले गये कोयले का उपयोग अडाणी ऊर्जा संयंत्र में किये जाने को लेकर पिछले साल एक जांच की मांग की थी। यह कोयला राजस्थान सरकार के साथ एक संयुक्त उद्यम के तहत निकाला गया था।
कोयला मंत्रालय और गुजरात सरकार को पिछले साल फरवरी में लिखे एक पत्र में तत्कालीन अतिरिक्त विद्युत सचिव ने इस आरोप की भी जांच की सिफारिश की थी कि गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड को 150 मेगावाट बिजली आपूर्ति करने के अपने वादे को पूरा करने के बजाय अडाणी की कंपनी ने कोयला संकट के दौरान अपनी बिजली अधिक दर पर बेची है।
सिंह ने पूर्व अतिरिक्त विद्युत सचिव के पत्र की एक कथित प्रति दिखाते हुए प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया, ‘‘अडाणी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? सीबीआई और ईडी उस वक्त क्या कर रही थी?’’
आप नेता ने आरोप लगाया, ‘‘अडाणी ने न सिर्फ राजस्थान सरकार के साथ, बल्कि गुजरात सरकार और राज्य के लोगों के साथ भी धोखाधड़ी की।’’
सिंह ने कहा कि आने वाले दिनों में वह अडाणी के घोटाले पर कई और कड़ी पेश करेंगे।
Published : 5 March 2023, 3:18 PM IST
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