
अर्जेंटीना की हॉकी में जीत (Img: X)
New Delhi: अर्जेंटीना और सह-मेजबान नीदरलैंड्स के बीच खेला गया महिला हॉकी विश्व कप का फाइनल बेहद रोमांचक रहा। पूरे मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। निर्धारित समय तक स्कोर 1-1 रहा, जिसके बाद विजेता का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ।
शूटआउट में अर्जेंटीना की खिलाड़ियों ने शानदार संयम दिखाया। टीम ने नीदरलैंड्स के गोलकीपिंग दबाव के बावजूद अपने मौके को गोल में बदला और 3-1 से जीत दर्ज कर ली। इस जीत के साथ अर्जेंटीना ने विश्व महिला हॉकी में एक बार फिर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
अर्जेंटीना की महिला हॉकी टीम के लिए यह जीत बेहद खास है। टीम ने इससे पहले 2002 और 2010 में विश्व कप का खिताब जीता था। अब 2026 में तीसरी बार चैंपियन बनकर उसने अपने खिताबी इतिहास में एक और अध्याय जोड़ दिया।
इस जीत से अर्जेंटीना ने पिछले विश्व कप और टोक्यो ओलंपिक-2020 के फाइनल में नीदरलैंड्स से मिली हार का बदला भी ले लिया। लगातार बड़े मुकाबलों में नीदरलैंड्स के खिलाफ हार के बाद अर्जेंटीना के लिए यह जीत मनोबल बढ़ाने वाली साबित हुई।
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फाइनल में दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक हॉकी खेली। खिलाड़ियों ने कई बार गोल करने के मौके बनाए, लेकिन पहले दो क्वार्टर में किसी भी टीम को सफलता नहीं मिली।मुकाबले का पहला गोल 30वें मिनट में आया। नीदरलैंड्स की स्टार खिलाड़ी यीब्बी यानसेन ने पेनल्टी कॉर्नर से शानदार ड्रैग फ्लिक लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया।
उनकी बेहतरीन तकनीक के सामने अर्जेंटीना की रक्षापंक्ति और गोलकीपर के पास ज्यादा मौका नहीं था। गोल के बाद नीदरलैंड्स ने अपनी बढ़त को बनाए रखने की कोशिश की। ऐसा लग रहा था कि टीम घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर एक बार फिर विश्व कप अपने नाम कर लेगी।
मुकाबले के 54वें मिनट में अर्जेंटीना ने शानदार वापसी की। टीम की कप्तान मारिया गारनाट्टो ने रीबाउंड पर मिले मौके का फायदा उठाते हुए गोल कर दिया। इस गोल के साथ अर्जेंटीना ने स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों ने बढ़त बनाने के लिए जोर लगाया, लेकिन निर्धारित समय खत्म होने तक कोई और गोल नहीं हुआ। स्कोर बराबर रहने के कारण मुकाबला पेनल्टी शूटआउट में पहुंच गया। यहां अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने दबाव में बेहतर प्रदर्शन किया।
पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना के लिए विक्टोरिया गारनाट्टो, ब्रिसा ब्रूगेसर और सोफिया कारियो ने गोल किए। वहीं टीम के एक प्रयास को रेफरी ने मान्य नहीं किया। दूसरी ओर नीदरलैंड्स की टीम अर्जेंटीना के मजबूत डिफेंस और गोलकीपिंग के सामने ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सकी। अंत में अर्जेंटीना ने शूटआउट 3-1 से अपने नाम कर लिया। जैसे ही अंतिम सीटी बजी, अर्जेंटीना की खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ खुशी से झूम उठे। टीम ने लंबे समय बाद नीदरलैंड्स के वर्चस्व को चुनौती देते हुए खिताब अपने नाम कर लिया।
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नीदरलैंड्स महिला हॉकी में लंबे समय से सबसे मजबूत टीमों में शामिल रही है। टीम ने पिछले कई विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया था और लगातार चौथा खिताब जीतने की कोशिश में थी। लेकिन फाइनल में अर्जेंटीना ने उसकी राह रोक दी। अर्जेंटीना की जीत के साथ नीदरलैंड्स का लगातार चौथी बार विश्व कप चैंपियन बनने का सपना टूट गया।
यह जीत अर्जेंटीना के लिए सिर्फ एक खिताब नहीं है, बल्कि पिछले फाइनल मुकाबलों की निराशा को पीछे छोड़ने का मौका भी है। पेनल्टी शूटआउट में मिली इस जीत ने टीम को महिला हॉकी की दुनिया में फिर से शीर्ष दावेदारों में शामिल कर दिया है।
Location : New Delhi
Published : 30 August 2026, 12:01 PM IST
Topics : Argentina Hockey World Cup Argentina vs Netherlands Hockey Argentina Women Hockey Team FIH Women Hockey World Cup