
दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने लिया संन्यास (Img: Google)
New Delhi: भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी और ओलिंपिक मेडल विजेता साइना नेहवाल ने प्रोफेशनल बैडमिंटन से संन्यास लेने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। लंबे समय से घुटने की गंभीर समस्या से जूझ रहीं साइना ने कहा कि अब उनके शरीर ने उच्च स्तर पर खेलना संभव नहीं रहने दिया। उनके इस फैसले के साथ भारतीय बैडमिंटन के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है।
साइना नेहवाल आखिरी बार 2023 में सिंगापुर ओपन में खेलती नजर आई थीं। हालांकि, उस समय उन्होंने संन्यास की औपचारिक घोषणा नहीं की थी। हाल ही में एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने पहली बार खुलकर अपने संन्यास की वजह और मन की स्थिति साझा की।
साइना ने कहा, “मैंने लगभग दो साल पहले ही खेलना बंद कर दिया था। मैंने अपने सिद्धांतों पर खेल शुरू किया और अपने सिद्धांतों पर ही छोड़ा। इसलिए मुझे कभी औपचारिक घोषणा जरूरी नहीं लगी।” उनका कहना था कि जब शरीर साथ न दे, तो खिलाड़ी को खुद से ईमानदार होना चाहिए।
T20 World Cup 2026: ICC ने बांग्लादेश को दी अंतिम चेतावनी, भारत आकर खेलें वरना…
अपने संघर्ष को साझा करते हुए साइना ने बताया कि उनके घुटने की कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुकी है और उन्हें आर्थराइटिस की समस्या हो गई है। उन्होंने कहा, “दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनने के लिए रोज 8-9 घंटे ट्रेनिंग करनी पड़ती है, लेकिन मेरे घुटने 1-2 घंटे की ट्रेनिंग के बाद ही सूज जाते थे।”
2016 रियो ओलिंपिक के दौरान लगी गंभीर चोट के बाद से ही साइना लगातार दर्द से जूझ रही थीं। हालांकि, उन्होंने 2017 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज और 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर शानदार वापसी की, लेकिन घुटनों की समस्या पूरी तरह कभी ठीक नहीं हो पाई।
साइना ने साफ शब्दों में कहा, “जब आप खेल ही नहीं पा रहे, तो वहीं रुक जाना चाहिए। मेरे लिए इसे आगे बढ़ाना बहुत मुश्किल हो गया था।” पहले जहां वह दिन में 8-9 घंटे अभ्यास कर लेती थीं, वहीं अब 1-2 घंटे में ही सूजन और दर्द असहनीय हो जाता था।
अंडर-19 वर्ल्ड कप में सियासी तनाव की एंट्री, भारत-बांग्लादेश कप्तानों में दिखी कड़वाहट
साइना नेहवाल भारत की पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलिंपिक मेडल जीता। उन्होंने लंदन ओलिंपिक 2012 में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचा। वह तीन ओलिंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
साइना ने 2010 और 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीते। 2008 में उन्होंने BWF वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप जीतकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाई। 2009 में वह BWF सुपर सीरीज खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।
साइना को 2009 में अर्जुन अवॉर्ड और 2010 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनका करियर न केवल उपलब्धियों से भरा रहा, बल्कि उन्होंने भारत में महिला बैडमिंटन की दिशा ही बदल दी।
Location : New Delhi
Published : 20 January 2026, 9:51 AM IST