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वीरेंद्र सहवाग (फाइल फोटो)
New Delhi:भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज नजफगढ़ के नवाब वीरेन्द्र सहवाग का जन्म 20 अक्तूबर 1978 को हरियाणा में एक जाट परिवार में हुआ था। बचपन से ही उन्हें क्रिकेट खेलने का बहुत शौक था। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, बेखौफ और शानदार प्रदर्शन के लिए पहचाने वाले सहवाग भारतीय टीम को एक नई पहचान दिलाई। उन्होंने अपने खेल से लाखों क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में अपनी पहचान बनाई।
सहवाग की सबसे बड़ी खासियत थी कि वे पहले से ही बड़े शॅाट खेलने का साहस रखते थे। वे टेस्ट क्रिकेट में भी एकदिवसीय मैचो जैसी तेज बल्लेबाजी करते थे। उनकी बल्लेबाजी के सामने दुनिया के बड़े-बड़े गेंदबाज़ भी दबाव में आ जाते थे। इसी कारण उन्हें क्रिकेट जगत में विस्फोटक के रुप में जाना गया।
वीरेन्द्र सहवाग ने टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक लगाए।'' उन्हे मुल्तान का सुल्तान'' 28 मार्च 2004 को भारत और पाकिस्तान के मुल्तान में पहला टेस्ट मैच शुरु हुआ। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करतेहुए शानदार शुरुआत की। वीरेन्द्र सहवाग ने अपनी बेखोफ बल्लेबाजी से पाकिस्तानी गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। उन्होने चौको और छक्को की बरसात करते हुए 375 गेदो पर 309 रन बनाए। उनकी इस पारी कमें 39 चौके और 6 छक्के शामिल थे।
सहवाग भारतीय टीम के उन खिलाड़ियों में शामिल थे, जिन्होंने वर्ष 2011 में आईसीसी क्रिकेट विश्व कप जीतने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने कई मैचों में मजबूत शुरुआत दिलाई। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में अनेक यादगार पारियां खेली।
वीरेन्द्र सहवाग ने वर्ष 2015 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास की घोषणा की। आज भी उनकी बल्लेबाजी और खेल के प्रति जुनून को याद किया जाता है। उनका जीवन युवाओं को सिखाता है कि मेहनत, आत्मविश्वास और अपने खेल पर भरोसा रखकर बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। जन्मदिन के अवसर पर क्रिकेट प्रेमी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके शानदार योगदान को याद करते है।
Location : New Delhi
Published : 20 October 2026, 10:55 AM IST
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