
सावन में क्यों बढ़ जाती है सांपों की आवाजाही? (Img- AI)
New Delhi: सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही चारों तरफ ठंडक, हरियाली और भक्ति का माहौल बन जाता है। इस दौरान भगवान शिव की पूजा के साथ-साथ सांपों के दर्शन होना बेहद आम बात है। कई लोग इसे धार्मिक दृष्टिकोण से देखते हैं और इसे नाग पूजा या शिव भक्ति से जोड़कर मानते हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या वाकई सावन में सांपों का निकलना कोई दैवीय चमत्कार है या फिर इसके पीछे प्रकृति और जीव विज्ञान का सीधा नियम काम कर रहा है?
वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सबसे बड़ा कारण मानसून की भारी बारिश है। बारिश का पानी जैसे ही सांपों के बिलों और छिपने के गुप्त ठिकानों में भरता है, उनका दम घुटने लगता है। अपनी जान बचाने और सूखी, सुरक्षित जगह पाने के लिए उन्हें बाहर निकलना ही पड़ता है।
सांप 'कोल्ड-ब्लडेड' यानी ठंडे खून वाले जीव होते हैं, जिनका शरीर बाहरी तापमान से संचालित होता है। मानसून की नमी और अनुकूल तापमान उन्हें पहले से अधिक फुर्तीला बना देता है। इसके अलावा, इस मौसम में मेंढक, चूहे और छिपकलियां भी बड़ी संख्या में बाहर आते हैं। अपना पसंदीदा शिकार आसानी से मिलने के कारण सांप भोजन की तलाश में ज्यादा घूमते-फिरते हैं।
सावन का मौसम कई सांपों की प्रजातियों के प्रजनन (Mating) का भी समय होता है, जिससे उनकी आवाजाही काफी बढ़ जाती है। साल 2024 में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हुए एक वैज्ञानिक अध्ययन में यह बात साबित हुई है कि जुलाई और अगस्त के महीनों में ही सांपों के बाहर दिखने के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए जाते हैं।
धार्मिक आस्था में नाग पंचमी और शिव भक्ति का अपना महत्व है, लेकिन सावन में सांपों का बार-बार दिखना पूरी तरह से उनके जीवन चक्र, प्राकृतिक आदतों और अस्तित्व को बचाए रखने की कोशिश से जुड़ा हुआ है।
Location : New Delhi
Published : 12 August 2026, 10:22 AM IST
Topics : Monsoon Snakes Sawan 2026 Snake Facts