क्या आपके घर की सीढ़ियां बच्चों की तरक्की में बाधा बन रही हैं? जानिए वास्तु शास्त्र के अनुसार सीढ़ियों की सही दिशा और आसान उपाय, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा और सफलता का माहौल बन सके।

सीढ़ियां (img source: Google)
New Delhi: घर का हर कोना ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार सीढ़ियां सिर्फ एक मंजिल से दूसरी मंजिल तक जाने का रास्ता नहीं होतीं, बल्कि वे घर की सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को भी प्रभावित कर सकती हैं। कई लोग मानते हैं कि अगर घर में रहने वाला बच्चा अपनी पढ़ाई या करियर में मनचाही सफलता हासिल नहीं कर पा रहा है, तो इसकी एक वजह सीढ़ियों की दिशा भी हो सकती है।
वास्तु मान्यताओं के मुताबिक, सीढ़ियां घड़ी की दिशा यानी क्लॉकवाइज घूमती हुई ऊपर जानी चाहिए। यदि सीढ़ियां एंटी-क्लॉकवाइज यानी उल्टी दिशा में बनी हों, तो इसे ऊर्जा प्रवाह में बाधा का संकेत माना जाता है। हालांकि, अगर आपके घर में ऐसी सीढ़ियां हैं तो घबराने की जरूरत नहीं। कुछ सरल उपाय अपनाकर स्थिति को संतुलित किया जा सकता है।
1. पहली सीढ़ी के नीचे धातु की पट्टी लगाएं
पहली सीढ़ी के नीचे पीतल या तांबे की पतली पट्टी लगाना शुभ माना जाता है। इससे ऊर्जा संतुलित रहती है और सजावट में भी निखार आता है।
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2. मनी प्लांट का पौधा रखें
सीढ़ियों के बीच या पास में मनी प्लांट रखना सकारात्मकता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। ध्यान रखें कि पौधा स्वस्थ रहे और नियमित देखभाल की जाए।
3. दीवारों पर सकारात्मक पेंटिंग लगाएं
सीढ़ियों की दीवारों पर प्रकृति, सूर्योदय या प्रेरणादायक चित्र लगाने से माहौल हल्का और उत्साहपूर्ण बनता है।
4. वास्तु दर्पण का उपयोग
वास्तु के अनुसार सही दिशा में लगाया गया दर्पण ऊर्जा के प्रवाह को संतुलित कर सकता है। इसे विशेषज्ञ की सलाह से उचित स्थान पर लगाना बेहतर होता है।
5. समुद्री नमक का उपाय
पहली सीढ़ी के पास कांच के छोटे बर्तन में समुद्री नमक रखें और हर 15 दिन में बदल दें। इसे नकारात्मक ऊर्जा को कम करने का प्रतीकात्मक उपाय माना जाता है।
वास्तु उपाय आस्था और परंपरा से जुड़े होते हैं। वैज्ञानिक रूप से इनके प्रभाव के प्रमाण सीमित हैं, लेकिन कई लोग मानते हैं कि छोटे बदलाव से घर का माहौल बेहतर महसूस होता है। सबसे जरूरी है कि घर साफ, हवादार और व्यवस्थित रहे। सकारात्मक सोच और मेहनत ही सफलता की असली कुंजी है।