रील्स और फिल्टर्स के बीच होली, अब रंगों से ज्यादा कैमरे पर नजर; क्या सच में फीका पड़ रहा है असली जश्न?

सोशल मीडिया वाली होली अब रंगों के साथ कंटेंट क्रिएशन का बड़ा मंच बन चुकी है। इंस्टाग्राम रील्स, ट्रेंडिंग गाने और इंस्टा-फ्रेंडली इवेंट्स ने त्योहार की तस्वीर बदल दी है। जानें डिजिटल होली के फायदे और चुनौतियां।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 19 February 2026, 3:12 PM IST

New Delhi: होली का मतलब कभी गली-मोहल्लों में रंग, गुजिया और ढोलक की थाप हुआ करता था। अब वही होली स्मार्टफोन की स्क्रीन पर भी उतनी ही जोरदार दिखती है। इंस्टाग्राम रील्स, फेसबुक स्टोरी और यूट्यूब व्लॉग्स ने इस त्योहार को डिजिटल इवेंट में बदल दिया है। सवाल यह है कि क्या होली अब सिर्फ रंगों का त्योहार रह गई है या फिर “कंटेंट क्रिएशन” का बड़ा मंच बन चुकी है?

रील्स, रिमिक्स और ट्रेंडिंग गानों की होली

होली से कुछ दिन पहले ही सोशल मीडिया पर रंगीन वीडियो की भरमार शुरू हो जाती है। स्लो-मोशन में उड़ता गुलाल, पानी की बौछार और दोस्तों के साथ डांस क्लिप्स खूब शेयर किए जाते हैं। पुराने फिल्मी गानों का जादू आज भी कायम है, लेकिन अब उनके डीजे मिक्स और रिमिक्स वर्जन ज्यादा ट्रेंड करते हैं। युवा वर्ग खास तौर पर ट्रेंडिंग हैशटैग के साथ वीडियो अपलोड करता है ताकि ज्यादा से ज्यादा व्यू और लाइक्स मिल सकें। होली अब सिर्फ खेलने का नहीं, बल्कि “कैसे दिख रही है” यह दिखाने का भी त्योहार बन गई है।

इंस्टा-फ्रेंडली होली इवेंट्स

शहरों में खास तौर पर “इंस्टा-फ्रेंडली” होली पार्टियों का चलन बढ़ा है। थीम डेकोरेशन, ऑर्गेनिक कलर, कलर कैनन, स्मोक बॉम्ब और प्रोफेशनल फोटोग्राफी इन इवेंट्स का हिस्सा बन चुके हैं। कई लोग खास आउटफिट चुनते हैं, ताकि तस्वीरें और वीडियो बेहतर दिखें। होली की सुबह से लेकर शाम तक, पूरा दिन सोशल मीडिया अपडेट्स से भरा रहता है।

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डिजिटल होली का ग्लोबल असर

सोशल मीडिया ने होली को सीमाओं से बाहर पहुंचा दिया है। विदेशों में रहने वाले भारतीय भी लाइव वीडियो कॉल और पोस्ट के जरिए इस उत्सव का हिस्सा बनते हैं। एक शहर की होली दूसरे देश में बैठे लोगों तक कुछ ही सेकंड में पहुंच जाती है। यह बदलाव त्योहार को वैश्विक पहचान दे रहा है। पर्यटन और इवेंट इंडस्ट्री को भी इसका फायदा मिल रहा है।

जिम्मेदारी भी जरूरी

जहां सोशल मीडिया ने उत्साह बढ़ाया है, वहीं कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। बिना अनुमति वीडियो पोस्ट करना विवाद का कारण बन सकता है। कई बार पुरानी या भ्रामक क्लिप्स वायरल हो जाती हैं, जिससे अफवाह फैलती है। साइबर सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। प्रशासन भी अपील करता है कि त्योहार का आनंद लें, लेकिन जिम्मेदारी के साथ।

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बदली तस्वीर, बदला अंदाज

आज की होली में रंग, रिश्ते और रील्स तीनों साथ चलते हैं। त्योहार की असली भावना मिलन और खुशी है, लेकिन डिजिटल दुनिया ने इसमें एक नया आयाम जोड़ दिया है। हो सकता है आने वाले समय में होली और भी ज्यादा टेक्नोलॉजी से जुड़ जाए, लेकिन रंगों की गर्माहट और आपसी अपनापन ही इसकी असली पहचान रहेगा।

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  • New Delhi

Published : 
  • 19 February 2026, 3:12 PM IST