Shardiya Navratri 2026: क्यों खास है इस बार की शारदीय नवरात्रि? जानें 10 दिनों के पर्व का पूरा कैलेंडर

शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो रही है। इस बार सप्तमी तिथि दो दिन रहने के कारण नवरात्रि 9 नहीं बल्कि 10 दिनों की होगी। माता रानी का आगमन हाथी पर होगा, जो समृद्धि और अच्छी वर्षा का संकेत है। जानें घटस्थापना मुहूर्त।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 7 October 2026, 11:00 AM IST

New Delhi: साल में चार बार आने वाली नवरात्रि में आश्विन मास की शारदीय नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026, रविवार से हो रही है। इस बार का नवरात्रि पर्व बेहद खास और फलदायी माना जा रहा है। पंचांग के विशेष संयोग के कारण यह महापर्व नौ दिनों के बजाय पूरे 10 दिनों तक धूमधाम से मनाया जाएगा, जिसका समापन 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ होगा।

हाथी पर माता का आगमन: समृद्धि और खुशहाली का संकेत

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि की शुरुआत जिस दिन से होती है, उसी के आधार पर देवी मां की सवारी तय होती है। चूंकि इस बार नवरात्रि रविवार से शुरू हो रही है, इसलिए मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा। ज्योतिषशास्त्र में हाथी को स्थिरता, धन-धान्य और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि जब माता हाथी पर सवार होकर आती हैं, तो देश में अच्छी वर्षा होती है और सुख-समृद्धि में भारी वृद्धि होती है।

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घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और समय

नवरात्रि के पहले दिन यानी 11 अक्टूबर को घटस्थापना की जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए कलश स्थापना के दो सबसे शुभ मुहूर्त रहेंगे। प्रातः काल घटस्थापना का समय सुबह 6 बजकर 19 मिनट से 10 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। यदि कोई श्रद्धालु इस दौरान पूजा न कर पाए, तो वह अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 11 बजकर 44 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट के बीच भी घटस्थापना कर सकता है।

9 या 10 दिन? जानें तिथियों की यह अनूठी गणना

आमतौर पर नवरात्रि नौ दिनों की होती है, लेकिन इस बार सप्तमी तिथि दो दिन रहने के कारण तिथियों में वृद्धि हुई है। इस वजह से नवरात्रि की अवधि एक दिन बढ़ गई है। हालांकि, देवी के नौ स्वरूपों की ही आराधना की जाएगी, जिससे धार्मिक आधार नौ देवियों की पूजा पर ही टिका रहेगा, लेकिन कैलेंडर के अनुसार यह उत्सव 10 दिनों तक चलेगा। 19 अक्टूबर को अष्टमी व नवमी का संयोग रहेगा, जबकि 20 अक्टूबर को विजयादशमी और दशहरा मनाया जाएगा।

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शक्ति साधना का महापर्व और इसका महत्व

शारदीय नवरात्रि को शक्ति और भक्ति की उपासना का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है। इन 10 दिनों में भक्त व्रत, जप और नियम-संयम का पालन करते हुए देवी दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की साधना करते हैं। मान्यता है कि मां की निश्छल भक्ति से जीवन की सभी नकारात्मक ऊर्जाएं समाप्त होती हैं और जीवन में सकारात्मकता, शांति तथा सफलता का संचार होता है।

Location :  New Delhi

Published :  7 October 2026, 11:00 AM IST