
बाबा बर्फानी की वार्षिक यात्रा (Source: Pinterest)
Amarnath Yatra 2026: बाबा बर्फानी की वार्षिक यात्रा अब अपने अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक चरण में पहुंच गई है। भगवान शिव की पवित्र ‘छड़ी मुबारक’ 22 अगस्त को श्रीनगर से अमरनाथ गुफा की ओर रवाना हुई। 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के दिन पवित्र गुफा में अंतिम पूजा के साथ इस साल की यात्रा का प्रमुख धार्मिक समापन होगा।
‘छड़ी मुबारक’ को भगवान शिव की पवित्र छड़ी माना जाता है। इसे अमरनाथ यात्रा की प्राचीन धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। केसरिया वस्त्रों से सजी इस पवित्र छड़ी के साथ वैदिक मंत्रोच्चार और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
इस परंपरा की देखरेख दशनामी अखाड़े के महंत दीपेंद्र गिरी करते हैं। छड़ी के साथ साधु-संत और पंजीकृत श्रद्धालु पारंपरिक मार्ग से अमरनाथ गुफा की ओर आगे बढ़ते हैं।
2026 में छड़ी मुबारक की मुख्य पैदल यात्रा 22 अगस्त से शुरू हुई। कार्यक्रम के अनुसार 22 और 23 अगस्त को पहलगाम में रात्रि विश्राम किया गया। इसके बाद 24 अगस्त को चंदनवाड़ी, 25 अगस्त को शेषनाग और 26-27 अगस्त को पंचतरणी में रात्रि विश्राम का कार्यक्रम रखा गया।
इसके बाद 28 अगस्त को छड़ी मुबारक अमरनाथ की पवित्र गुफा पहुंचेगी।
श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर 28 अगस्त को पवित्र गुफा में छड़ी मुबारक की स्थापना और विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इसी दिन अमरनाथ यात्रा के धार्मिक समापन का प्रमुख अनुष्ठान होगा।
हालांकि, इस साल नियमित श्रद्धालु यात्रा 9 अगस्त से बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर स्थगित कर दी गई थी। खराब मौसम और ट्रैक के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत को इसका कारण बताया गया था। प्रशासन ने इसके बाद छड़ी मुबारक की पारंपरिक यात्रा को आगे बढ़ाया।
अमरनाथ यात्रा में छड़ी मुबारक को केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि यात्रा की प्राचीन परंपरा और भगवान शिव के प्रति श्रद्धा से जुड़ा महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसके साथ होने वाले अनुष्ठानों के जरिए यात्रा के अंतिम धार्मिक चरण को पूरा किया जाता है।
पवित्र गुफा में अंतिम पूजा के दौरान वैदिक मंत्रों के साथ धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। इसी के साथ सालाना अमरनाथ यात्रा के समापन की परंपरा पूरी होती है।
अमरनाथ यात्रा 2026 की शुरुआत 3 जुलाई को पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से हुई थी। यह 57 दिन की निर्धारित वार्षिक यात्रा थी। 9 अगस्त के बाद नियमित यात्रा स्थगित होने के बावजूद छड़ी मुबारक की परंपरा को जारी रखा गया। अब 28 अगस्त को गुफा में अंतिम पूजा के साथ यात्रा अपने महत्वपूर्ण धार्मिक पड़ाव पर पहुंचेगी।
नोट: कुछ रिपोर्टों में छड़ी मुबारक के गुफा पहुंचने को 28 अगस्त का धार्मिक समापन बताया गया है, जबकि वापसी के बाद होने वाले पारंपरिक अनुष्ठानों के कारण 30 अगस्त को औपचारिक समापन का भी उल्लेख है
Location : New Delhi
Published : 25 August 2026, 1:54 PM IST
Topics : Amarnath yatra Baba Barfani jammu kashmir news