राजस्थान की होनहार एसडीएम काजल मीणा 60 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

करौली के नादौती में एसीबी ने एसडीएम काजल मीणा को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। कार्रवाई में 4 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी भी बरामद हुई है। मामले में जांच जारी है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 17 April 2026, 6:23 PM IST

Karauli (Rajasthan): राजस्थान के करौली जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने नादौती की एसडीएम काजल मीणा को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने न सिर्फ सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि एक तेजतर्रार अधिकारी के करियर पर भी बड़ा दाग लगा दिया है।

ACB का ट्रैप, 60 हजार की रिश्वत में गिरफ्तारी

एसीबी को सवाई माधोपुर चौकी पर एक परिवादी ने शिकायत दी थी कि जमीन की फाइनल डिक्री (तकसीम) जारी करने के बदले रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत के मुताबिक पहले एक लाख रुपये की मांग की गई जिसे बाद में 50 हजार रुपये पर तय किया गया। सत्यापन के दौरान यह सामने आया कि रीडर दिनेश सैनी ने 50 हजार रुपये एसडीएम के लिए और 10 हजार रुपये अपने लिए मांगे। शिकायत पुख्ता होने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और जैसे ही परिवादी ने 60 हजार रुपये दिए, टीम ने मौके पर ही एसडीएम काजल मीणा, रीडर दिनेश सैनी और यूडीसी प्रवीण धाकड़ को पकड़ लिया।

4 लाख की संदिग्ध नकदी भी बरामद

कार्रवाई के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ। एसीबी के अनुसार प्रवीण धाकड़ के बैग से 60 हजार रुपये की रिश्वत राशि के साथ करीब 4 लाख रुपये की अतिरिक्त संदिग्ध नकदी भी बरामद हुई। अब एजेंसी इस रकम के स्रोत और इस्तेमाल की जांच कर रही है। पूरी कार्रवाई एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता, एडीजी स्मिता श्रीवास्तव और डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह की निगरानी में की गई।

काजल मीणा का प्रोफाइल भी चर्चा में

इस गिरफ्तारी के बाद काजल मीणा का शैक्षणिक और प्रशासनिक करियर भी चर्चा का विषय बन गया है। वे वर्ष 2024 बैच की RAS अधिकारी हैं और IIT मंडी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक कर चुकी हैं। इससे पहले वे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और दूरसंचार विभाग, दिल्ली में भी सेवाएं दे चुकी थीं। नादौती में उनकी यह दूसरी पोस्टिंग थी, जहां उन्होंने 30 अक्टूबर 2025 को कार्यभार संभाला था।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज

एसीबी ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है और मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एजेंसियां सख्त रुख अपनाए हुए हैं।

सोशल मीडिया पर बहस तेज

घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स सिस्टम में बढ़ते भ्रष्टाचार पर सवाल उठा रहे हैं, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एक यूजर ने लिखा कि अगर उच्च अधिकारी भी रिश्वत ले रहे हैं तो निचले स्तर के कर्मचारियों पर क्या असर पड़ेगा- यह एक बड़ा सवाल है।

Location :  Karauli (Rajasthan)

Published :  17 April 2026, 6:23 PM IST