Punjab CMO Corruption Case: भगवंत मान के CMO पर लगे गंभीर आरोप, HC ने CBI को सौंपी जांच

Punjab CMO Corruption Case में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए जांच CBI को सौंप दी है। मामला ED की करीब 200 पन्नों की रिपोर्ट से जुड़ा है। इसमें तबादलों, सरकारी टेंडरों, हथियार लाइसेंस और गोपनीय नीतियों से जुड़े गंभीर आरोपों का उल्लेख किया गया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 5 October 2026, 11:34 AM IST

Chandigarh: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय यानी CMO से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंप दी है। मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच और करीब 200 पन्नों की रिपोर्ट से जुड़ा बताया जा रहा है।

ED की रिपोर्ट के बाद मामला पहुंचा हाई कोर्ट

जानकारी के मुताबिक, ED ने मई 2026 में कुछ व्यापारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान मुख्यमंत्री के पूर्व OSD राजबीर सिंह घुमन और उनके करीबियों से कथित संबंधों की जानकारी सामने आने का दावा किया गया।

इसके बाद ED की रिपोर्ट में पंजाब CMO से जुड़े कई गंभीर आरोपों का उल्लेख किया गया। मामला आगे हाई कोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने उपलब्ध सामग्री और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए स्वतंत्र जांच की जरूरत पर विचार किया।

तबादलों से लेकर टेंडर तक के आरोप

रिपोर्ट के अनुसार, मामले में Cash for Transfer यानी तबादलों के बदले कथित रिश्वत, सरकारी टेंडरों में कथित अनियमितता और अवैध हथियार लाइसेंस जारी करने के लिए लेनदेन जैसे आरोप शामिल हैं।

इसके अलावा गोपनीय सरकारी नीतियों की जानकारी लीक किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। इन आरोपों की वास्तविकता और इसमें किन लोगों की भूमिका रही, यह CBI की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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पंजाब पुलिस पर भी उठे सवाल

बताया गया कि ED ने पंजाब पुलिस को FIR दर्ज करने के लिए कई बार पत्र भेजे थे। आरोप है कि इन पत्रों के बावजूद पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला जनहित याचिका यानी PIL के जरिए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट पहुंचा।

अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को CBI को सौंपने का फैसला किया। अब केंद्रीय एजेंसी आरोपों और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच करेगी।

CBI जांच में क्या सामने आएगा?

हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद अब निगाहें CBI की जांच पर हैं। जांच एजेंसी कथित भ्रष्टाचार, तबादलों, सरकारी टेंडरों, हथियार लाइसेंस और गोपनीय सूचनाओं से जुड़े आरोपों की पड़ताल कर सकती है।

हालांकि, किसी भी आरोप की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। फिलहाल हाई कोर्ट के CBI को जांच सौंपने के फैसले से पंजाब की राजनीति में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

Location :  Punjab

Published :  5 October 2026, 11:34 AM IST