यूपी में बदलेगी महिलाओं की जिंदगी, आंगनबाड़ी मानदेय 3 हजार से हुआ 12 हजार; जानें कैसे 1.20 करोड़ महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर?

उत्तर प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योगी सरकार के प्रयासों पर मुख्यमंत्री ने अहम जानकारी साझा की है। जानिए, मां महागौरी की पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक तरक्की को लेकर क्या कहा।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 18 October 2026, 1:11 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर सामने रखा। शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर मां महागौरी की पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नारीशक्ति का जीवन सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि से आलोकित हो रहा है।

उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के बढ़े मानदेय से लेकर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की भूमिका तक कई अहम बातें साझा कीं।

मां महागौरी की पूजा के बाद महिलाओं के सशक्तीकरण पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर मां महागौरी की आराधना का संदेश साझा किया। उन्होंने मां महागौरी को शांति, पवित्रता और करुणा का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, समाज की असली तरक्की तभी संभव है, जब हर मां स्वस्थ और सुरक्षित हो, हर बेटी को अच्छा पोषण और बेहतर भविष्य मिले तथा हर महिला सम्मान के साथ आत्मनिर्भर जीवन जी सके।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय में चार गुना बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने बताया कि बच्चों के पोषण और शुरुआती शिक्षा में अहम भूमिका निभाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 3,000 से बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है। इसके साथ ही उन्हें स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी दिया जा रहा है, ताकि उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को सहारा मिल सके।

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टेक होम राशन की जिम्मेदारी महिलाओं को

योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय बच्चों के पोषण से जुड़ी व्यवस्था माफिया के शिकंजे में थी। उनके अनुसार, प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद टेक होम राशन के उत्पादन और वितरण की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सौंपी गई। इससे व्यवस्था में पारदर्शिता लाने, महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने और कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को प्रभावी बनाने में मदद मिली।

31 जिलों की चार लाख से अधिक महिलाएं दुग्ध उत्पादन से जुड़ीं

मुख्यमंत्री ने बताया कि बलिनी, सामर्थ्य, काशी, बाबा गोरखनाथ और सृजनी जैसी दुग्ध उत्पादक कंपनियों से जुड़कर 31 जनपदों की चार लाख से अधिक महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही हैं। दुग्ध उत्पादन उनके लिए आय बढ़ाने, उद्यमिता अपनाने और आत्मनिर्भर बनने का माध्यम बन रहा है।

वहीं, प्रत्येक ग्राम पंचायत में बीसी सखी पहल के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

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1.20 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं

मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ 20 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। लखपति दीदी पहल के जरिए महिलाएं अपने हुनर और मेहनत को नियमित आय में बदलकर परिवार की खुशहाली में योगदान दे रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, पोषण, शिक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के अवसर बढ़ाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने अपने संदेश में नारीशक्ति को प्रदेश की प्रगति का सक्रिय भागीदार बताते हुए कहा कि सशक्त नारी ही समृद्ध उत्तर प्रदेश की आधारशिला है।

Location :  Lucknow

Published :  18 October 2026, 1:11 PM IST