योगी सरकार का बड़ा फैसला! यूपी की जेलों में बढ़ेगी सुरक्षा, खरीदी जाएंगी 676 इंसास राइफलें, खर्च होंगे 14 करोड़

उत्तर प्रदेश की जेलों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए योगी सरकार करीब 14 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। कारागार विभाग 676 इंसास राइफल और 58,795 कारतूस खरीदने की तैयारी में है। खास बात यह है कि इस योजना में जेल वार्डरों और सुरक्षा कर्मचारियों की ट्रेनिंग पर भी जोर दिया जाएगा।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 November 2026, 8:11 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश की जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश की जेलों में तैनात सुरक्षा कर्मियों को आधुनिक हथियारों से लैस करने की तैयारी है। सरकार 676 इंसास राइफल खरीदने जा रही है। इसके साथ ही हजारों कारतूस भी खरीदे जाएंगे। खास बात यह है कि इस पूरी योजना में केवल हथियारों की खरीद ही नहीं, बल्कि जेल वार्डरों और अन्य कर्मचारियों को बेहतर प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया जा रहा है।

14 करोड़ रुपये से होगी हथियारों और कारतूसों की खरीद

योगी सरकार प्रदेश की जेलों को सुरक्षा के लिहाज से और मजबूत बनाने के लिए करीब 14 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग की ओर से 676 इंसास राइफल और 58,795 कारतूस खरीदने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।

डीजी कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं पीसी मीना के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण के साथ जेलों की सुरक्षा भी सरकार की प्राथमिकता में है। इस योजना के तहत 5.56 एमएम की एसएलआर इंसास राइफल खरीदी जाएंगी। इनकी खरीद उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (यूपी एसटीएफ) के माध्यम से की जाएगी।

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राइफलों पर खर्च होंगे साढ़े 13 करोड़

प्रस्ताव के मुताबिक, 676 इंसास राइफल खरीदने पर करीब साढ़े 13 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, 58,795 कारतूस की खरीद के लिए लगभग 30 लाख रुपये का बजट रखा गया है। इस तरह पूरी खरीद प्रक्रिया पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका मकसद जेलों में तैनात सुरक्षा कर्मियों को आधुनिक हथियार उपलब्ध कराने के साथ उनकी कार्यक्षमता को भी बेहतर बनाना है। सरकार चाहती है कि जेलों की सुरक्षा में लगे कर्मचारी किसी भी चुनौती से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार रहें।

सिर्फ हथियार नहीं, प्रशिक्षण पर भी सरकार का जोर

इस योजना की एक खास बात यह है कि सरकार का ध्यान केवल राइफल खरीदने तक सीमित नहीं है। कारतूसों का इस्तेमाल जेल वार्डर समेत कारागार अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए भी किया जाएगा। डीजी पीसी मीना ने बताया कि सुरक्षा कर्मियों की व्यावहारिक दक्षता बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को हथियारों के सुरक्षित संचालन, निर्धारित प्रक्रियाओं और आपात स्थिति में जरूरी प्रतिक्रिया का अभ्यास कराया जाएगा।

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सरकार का जोर इस बात पर है कि जेलों में तैनात सुरक्षा बलों के पास आधुनिक संसाधन होने के साथ उनका सही इस्तेमाल करने की क्षमता भी हो। इससे जेलों में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी। जेलों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए सरकार पहले भी हथियारों की खरीद कर चुकी है। पिछले दो वर्षों में 254 इंसास राइफल और 44,875 कारतूस खरीदे गए हैं। अब 676 नई इंसास राइफल और 58,795 कारतूस खरीदने की तैयारी है।

Location :  Lucknow

Published :  2 November 2026, 8:11 PM IST