
योगी सरकार नवंबर में लाएगी नई आयुष पॉलिसी (Img: AI Generated)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में आयुष चिकित्सा और इससे जुड़े कारोबार को नई दिशा देने की तैयारी है। योगी सरकार नवंबर में नई आयुष पॉलिसी-26 को कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए रख सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नीति का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। इस नीति में निवेशकों को खास सुविधाएं देने से लेकर आयुष अस्पतालों के विकास और रिसर्च को बढ़ावा देने तक कई अहम योजनाओं पर जोर दिया गया है।
नई आयुष पॉलिसी-26 का मकसद उत्तर प्रदेश में आयुष उद्योग को बढ़ावा देना और निवेशकों को राज्य की ओर आकर्षित करना है। इसके लिए नीति में कई तरह की सुविधाएं देने की योजना बनाई गई है। इनमें कैपिटल सब्सिडी, जमीन खरीदने पर स्टांप ड्यूटी में छूट और ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के लिए विशेष छूट शामिल हैं।
सरकार की कोशिश है कि इन सुविधाओं से आयुष क्षेत्र में निवेश बढ़े और प्रदेश में कारोबार का तेजी से विस्तार हो। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश को आयुष उद्योग के वैश्विक स्तर पर विकास के लिए एक प्रमुख केंद्र बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
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नई नीति में आयुष की पारंपरिक और प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों को विशेष महत्व दिया गया है। पंचकर्म, नेचरोपैथी और वेलनेस सेंटर के विकास पर खास जोर रहेगा। सरकार का उद्देश्य इन पद्धतियों को प्रोत्साहित करने के साथ आयुष से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंचाना है।
प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में आयुष कारोबार को बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश की पहचान को देशभर में मजबूत करना और आयुष क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्योगपतियों को प्रदेश की ओर आकर्षित करना है। उन्होंने बताया कि नई आयुष पॉलिसी-26 का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और इसे कैबिनेट के सामने रखने की प्रक्रिया चल रही है। नवंबर में कैबिनेट इस नीति को मंजूरी दे सकती है।
नई आयुष पॉलिसी में अस्पतालों के निर्माण और बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे आयुष स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और अस्पतालों में मरीजों के इलाज की व्यवस्था बेहतर बनाने पर काम किया जाएगा।
नीति में आयुष दवाओं की जांच और भर्ती के लिए मजबूत ढांचा तैयार करने का भी लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही औषधियों के गुणों को बेहतर बनाने, मरीजों को सुगम उपचार उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए नए विचारों को शामिल करने पर जोर दिया जाएगा।
सरकार नई नीति के जरिए आयुष अनुसंधान को मजबूत करना चाहती है, ताकि उत्तर प्रदेश को इस क्षेत्र में रिसर्च हब के रूप में विकसित किया जा सके। इसके लिए आयुष से जुड़ी शोध सुविधाओं और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।
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इसके अलावा आयुष अस्पतालों के निर्माण और विकास से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना है। इनमें आयुर्वेद, योग और होम्योपैथी से संबंधित कोर्स शामिल होंगे। इससे आयुष शिक्षा को बढ़ावा मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होने की उम्मीद है।
नई नीति के तहत आयुष चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहित करने और वेलनेस सेंटर के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। योग और पंचकर्म जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान रहेगा।सरकार की योजना आयुष अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था बेहतर बनाने, विभाग के इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने और उद्योग के कारोबार का विस्तार करने की है। अगर कैबिनेट से नीति को मंजूरी मिलती है, तो उत्तर प्रदेश में आयुष क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सकती है।
Location : Lucknow
Published : 16 October 2026, 6:44 PM IST