बसपा के टिकट पर किसकी किस्मत चमकेगी? मुरादाबाद की सीटों पर प्रत्याशियों की लिस्ट जल्द, अंदरखाने तेज हुई सियासी हलचल

बसपा ने 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए मुरादाबाद जिले की सभी छह सीटों पर प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। ठाकुरद्वारा, कांठ और बिलारी सीटों पर सबसे ज्यादा दावेदारी है। पार्टी जल्द ही उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 17 June 2026, 3:35 PM IST

Lucknow: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी संगठन स्तर पर मुरादाबाद जिले की छह विधानसभा सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों की गहन समीक्षा कर रही है। सूत्रों के अनुसार जल्द ही इन सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जा सकते हैं।

ठाकुरद्वारा, कांठ और बिलारी में सबसे ज्यादा दावेदारी

जिले में सबसे अधिक दावेदारी ठाकुरद्वारा, कांठ और बिलारी विधानसभा सीटों पर देखने को मिल रही है। इन सीटों पर कई पुराने और नए चेहरे टिकट के लिए सक्रिय हैं। वहीं कुंदरकी, मुरादाबाद शहर और देहात सीटों पर अपेक्षाकृत कम दावेदार मैदान में हैं, लेकिन वहां भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।

संगठनात्मक आकलन के आधार पर चयन

बसपा नेतृत्व संभावित उम्मीदवारों का चयन संगठन में उनकी सक्रियता, सामाजिक समीकरण, जनाधार और चुनावी क्षमता के आधार पर कर रहा है। पार्टी इस बार ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देना चाहती है जो बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत कर सकें और जमीनी स्तर पर प्रभावी भूमिका निभा सकें।

सीटवार दावेदारों में बढ़ी हलचल

ठाकुरद्वारा सीट से इरफान सैफी, अब्दुल रहमान और रोहिताश सैनी जैसे नाम चर्चा में हैं। कांठ सीट से हाफिज नासिर, चौधरी जितेंद्र सिंह और हाजी सलीम दावेदारी में हैं। बिलारी में पूर्व मंत्री अकबर अली, सलीम अकबर और अन्य वरिष्ठ नेता टिकट की दौड़ में शामिल हैं। कुंदरकी और देहात सीटों पर भी कई स्थानीय नेता सक्रिय हैं।

जल्द हो सकता है प्रत्याशियों का ऐलान

बसपा जिला अध्यक्ष ऋषिपाल सिंह के अनुसार, पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जल्द ही मुरादाबाद जिले की सभी विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित करेगा। इससे स्थानीय स्तर पर चुनावी सरगर्मी और तेज होने की संभावना है।

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पड़ताल में बसपा की रणनीति का बड़ा संकेत

पड़ताल के मुताबिक, बसपा का यह कदम सिर्फ उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि 2027 के लिए “ग्राउंड री-कंसोलिडेशन स्ट्रेटेजी” का हिस्सा है। पिछले चुनावों में कमजोर प्रदर्शन के बाद बसपा अब उन सीटों पर विशेष फोकस कर रही है जहां उसका पारंपरिक वोट बैंक अभी भी प्रभावी है।

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मुरादाबाद जैसी सीटों पर समय से पहले प्रत्याशी घोषित करने का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना है, जिससे चुनाव से पहले ही मजबूत बूथ नेटवर्क तैयार किया जा सके। यह रणनीति दर्शाती है कि पार्टी अब देर से फैसले लेने के बजाय “अर्ली ग्राउंड कंट्रोल” पर जोर दे रही है।

Location :  Lucknow

Published :  17 June 2026, 3:35 PM IST