
सपा-कांग्रेस के बीच 150 बनाम 80 का पेच (Source: Pinterest)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है। दोनों दल साथ चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं, लेकिन सीट शेयरिंग का फॉर्मूला सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। 24 सितंबर से सपा प्रमुख अखिलेश यादव की कांग्रेस के गढ़ रायबरेली से पीडीए रथयात्रा शुरू होने के बाद से ही दोनों दल के बीच सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
रायबरेली से अखिलेश यादव की यात्रा शुरू होने के बाद कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया आई। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि अगर अखिलेश यादव रायबरेली और अमेठी जा सकते हैं तो कांग्रेस भी कन्नौज, मैनपुरी और सैफई जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन को लेकर रणनीति कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व तय करेगा।
रायबरेली का राजनीतिक महत्व इसलिए भी है क्योंकि यहां से कांग्रेस नेता राहुल गांधी लोकसभा सांसद हैं। वहीं रायबरेली जिले की पांच विधानसभा सीटों में फिलहाल सपा के पास हरचंदपुर, बछरावां और सरेनी सीटें हैं।
सीट शेयरिंग को लेकर सितंबर की शुरुआत में सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस 105 से 115 विधानसभा सीटों की मांग कर रही थी, जबकि सपा करीब 80 से 86 सीटों का फॉर्मूला चाहती थी। रायबरेली और अमेठी की कई सीटों को लेकर दोनों दलों की स्थिति अलग बताई गई थी।
सपा की ओर से रायबरेली की ऊंचाहार और हरचंदपुर तथा अमेठी की गौरीगंज और अमेठी सीटों को अपने पास रखने की बात रिपोर्टों में सामने आई थी। 2022 में सपा ने रायबरेली जिले की चार विधानसभा सीटें जीती थीं।
हालांकि, अब बातचीत का आंकड़ा और ऊपर जाता दिख रहा है। 29 सितंबर तक सामने आई रिपोर्टों में कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा है कि पार्टी 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी। दूसरी ओर, सपा सूत्रों के हवाले से कांग्रेस को करीब 75 से 80 सीटें देने की चर्चा सामने आई है।
यानी फिलहाल दोनों दलों की मांग में बड़ा अंतर है। हालांकि, यह आंकड़े बातचीत की स्थिति को दिखाते हैं और अंतिम सीट शेयरिंग पर अभी मुहर नहीं लगी है।
अखिलेश यादव रायबरेली में यह कह चुके हैं कि सपा 2027 का चुनाव गठबंधन के साथ लड़ेगी और सीटों का बंटवारा जीतने की क्षमता के आधार पर होगा। ऐसे में असली पेंच सिर्फ सीटों की संख्या नहीं, बल्कि यह भी है कि रायबरेली, अमेठी जैसे क्षेत्रों में किस दल को कौन-सी सीट मिलेगी।
फिलहाल सपा और कांग्रेस दोनों की ओर से गठबंधन को लेकर सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन सीटों की संख्या और प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों पर सहमति बनने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
Location : Lucknow
Published : 29 September 2026, 1:50 PM IST