
शरद पवार फिर अस्पताल में भर्ती (IMG: Dynamite News)
Maharashtra: महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेता और NCP (SP) प्रमुख शरद पवार की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें एक बार फिर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। सीने में तेज दर्द, बार-बार खांसी और सांस लेने में परेशानी के चलते उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल ले जाया गया है। इससे पहले दो दिन पहले पुणे में भी उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से डिस्चार्ज होने के बाद उनकी तबीयत को लेकर फिर चिंता बढ़ गई। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर शरद पवार का हालचाल जाना और उन्हें पूरी तरह आराम करने की सलाह दी। उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले ने बताया कि आगे की जांच और इलाज के लिए उन्हें मुंबई लाया गया है।
NCP (SP) प्रमुख शरद पवार को सीने में दर्द और सांस संबंधी परेशानियों के चलते मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले उन्हें पुणे के एक अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था। हालांकि, वहां से डिस्चार्ज होने के बाद उनकी तबीयत को लेकर दोबारा परेशानी सामने आई और उन्हें आगे की जांच के लिए मुंबई लाना पड़ा। बताया गया है कि शरद पवार को बार-बार खांसी आने, सांस लेने में परेशानी और सीने में दर्द की शिकायत हो रही है। इन लक्षणों के चलते डॉक्टर उनकी स्थिति की जांच कर रहे हैं। परिवार की ओर से भी उनकी सेहत पर नजर रखी जा रही है।
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शरद पवार के अस्पताल में भर्ती होने की खबर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे फोन पर बात की। प्रधानमंत्री ने उनकी सेहत का हालचाल जाना और जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने शरद पवार को पूरी तरह आराम करने की सलाह भी दी।
शरद पवार की स्वास्थ्य समस्या के संदर्भ में प्लूरिटिक पेन का जिक्र सामने आया है। यह सीने में होने वाला एक खास तरह का दर्द है, जो मुख्य रूप से सांस लेने और छोड़ने के दौरान महसूस होता है। कई बार यह दर्द अचानक शुरू होता है और इतना तेज हो सकता है कि व्यक्ति को सीने में सुई चुभने या कुछ काटने जैसा एहसास होता है। इस स्थिति को समझने के लिए फेफड़ों के आसपास मौजूद एक पतली झिल्ली के बारे में जानना जरूरी है। इस झिल्ली को प्लूरा (Pleura) कहा जाता है। यह दो परतों से बनी होती है। पहली परत विसरल प्लूरा (Visceral Pleura) होती है, जो फेफड़ों की बाहरी सतह को ढकती है। दूसरी परत पैराइटल प्लूरा (Parietal Pleura) कहलाती है, जो छाती की अंदरूनी दीवार को ढकती है।
लखनऊ के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. राकेश चौधरी के मुताबिक, प्लूरिटिक पेन में व्यक्ति को सीने में अचानक तेज दर्द महसूस हो सकता है। यह दर्द सामान्य दर्द से अलग होता है और अक्सर चुभन या सुई लगने जैसा लगता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि सांस लेने की प्रक्रिया के साथ दर्द की तीव्रता बदल सकती है। इस समस्या में गहरी सांस लेने पर दर्द बढ़ सकता है। कई लोगों को खांसने, छींकने या हंसने के दौरान भी सीने में तेज चुभन महसूस होती है। सामान्य सांस लेने के मुकाबले गहरी सांस लेने पर परेशानी ज्यादा हो सकती है। यही वजह है कि कुछ लोग दर्द से बचने के लिए गहरी सांस लेने से भी कतराने लगते हैं।
प्लूरिटिक पेन में सीने का दर्द, खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, केवल इन लक्षणों के आधार पर बीमारी की सही वजह तय नहीं की जा सकती। सीने में दर्द और सांस फूलने की समस्या के पीछे कई अलग-अलग चिकित्सकीय कारण हो सकते हैं। इसलिए ऐसी परेशानी होने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। खासकर अगर सीने में अचानक तेज दर्द हो, सांस लेने में काफी परेशानी हो या दर्द लगातार बढ़ रहा हो, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। इस तरह के लक्षणों को सामान्य खांसी या थकान समझकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।
Location : Maharashtra
Published : 5 November 2026, 1:01 PM IST