
राज ठाकरे का महा-हमला (Img: Pinterest)
Mumbai: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की 'मिसिंग लिंक' सुरंग में हुए पानी के रिसाव को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को एमएनएस रेलवे कामगार सेना की वर्षगांठ के अवसर पर बोलते हुए राज ठाकरे ने महायुति सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि सरकार भावनात्मक बयानबाजी के पीछे अपनी नाकामियों को छिपाने का प्रयास कर रही है। मनसे प्रमुख ने विधानसभा में मुख्यमंत्री द्वारा किए गए बचाव पर सवाल उठाए और विपक्ष को इस मुद्दे का 'राजनीतिकरण' न करने की चेतावनी देने वाली उनकी टिप्पणी पर कड़ा पलटवार किया।
विपक्ष की आलोचना पर मुख्यमंत्री फडणवीस की आपत्ति पर तंज कसते हुए राज ठाकरे ने कहा, "वाह! वे कहते हैं कि इसे राजनीतिक रंग मत दो। जब कोई जनता के हक में बोलता है, तो उनके लिए यह 'राजनीति' बन जाती है। विपक्ष में रहते हुए आप इतने सालों तक क्या कर रहे थे? पिछली सरकारों के खिलाफ आपने जो आंदोलन किए, क्या वे राजनीति नहीं थे? अब जब आप पर दबाव बढ़ रहा है, तो आप कह रहे हैं कि विपक्ष राजनीति कर रहा है।" उन्होंने सवाल उठाया कि मिसिंग लिंक परियोजना में भ्रष्टाचार पर बात करना महाराष्ट्र का अपमान कैसे हो सकता है?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के 'देख लूंगा' वाले बयान पर सवाल उठाते हुए मनसे अध्यक्ष ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को ऐसी भाषा शोभा नहीं देती। मुख्यमंत्री का हिंदी में दिया गया बयान महाराष्ट्र के विधायकों के लिए था या दिल्ली के नेताओं के लिए, यह भी सोचना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को जिम्मेदारी लेते हुए गरिमापूर्ण भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए था और यह कहना चाहिए था कि वे मामले में खुद हस्तक्षेप करेंगे और काम को सही तरीके से पूरा करवाएंगे।
राज ठाकरे ने कहा कि मुंबई-पुणे का विकास पूरी तरह बिगड़ चुका है और इसे विकास के नाम पर पेश किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि फिलहाल सभी निर्माण कार्य रोककर पहले शहर की व्यवस्था सुधारी जाए।
टनल लीकेज का मुद्दा उठाते हुए राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि 1 मई को उद्घाटन हुआ और कुछ ही दिनों में टनल से पानी टपकने लगा और हिस्से गिरने लगे। यह सब भ्रष्टाचार के कारण हो रहे घटिया निर्माण का नतीजा है, जिससे जनता को खराब सड़कें व अधूरे प्रोजेक्ट मिल रहे हैं। उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि 1800 के दशक में बने सीएसटी स्टेशन और पुराने पुल आज भी बेहद मजबूत खड़े हैं, जबकि आधुनिक तकनीक से बने नए प्रोजेक्ट कुछ ही समय में खराब हो रहे हैं।
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राज ठाकरे ने सिर्फ राज्य ही नहीं, बल्कि राम मंदिर ट्रस्ट और चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर राम मंदिर में दान की रकम में चोरी हुई है तो इस पर खुली चर्चा होनी चाहिए। चोरी की बात करना धर्म का अपमान कैसे हो सकता है? उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा के ही सांसद ने सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया था और ट्रस्ट के 15 में से 12 ट्रस्टी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर किसी दूसरी सरकार के समय ऐसी घटना होती, तो भाजपा और आरएसएस अब तक देश भर में बड़े आंदोलन खड़े कर देते।
Location : Mumbai
Published : 10 July 2026, 12:01 PM IST
Topics : Devendra Fadnavis Mumbai News Ram Mandir Trust