Agra: पूर्व सांसद राज बब्बर बोले-लोकतंत्र बचाने के लिए सभी दलों को साथ आना होगा

आगरा में आयोजित एक आयकर सेमिनार में पूर्व सांसद राज बब्बर ने देश के राजनीतिक हालात पर चिंता जताई। उन्होंने राजनीतिक दलों में बढ़ती टूट को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया और कहा कि लोकतंत्र की रक्षा की सबसे बड़ी जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की होती है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 21 June 2026, 2:15 PM IST

Agra: पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता राज बब्बर ने देश के मौजूदा राजनीतिक माहौल पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों में लगातार हो रही टूट स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी राजनीतिक दलों को दलगत हितों से ऊपर उठकर काम करना होगा।

राजनीतिक दलों की टूट पर जताई चिंता

नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा होटल क्लार्क्स शिराज में आयोजित आयकर सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज बब्बर ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का बार-बार दल बदलना लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए सभी दलों को मिलकर प्रयास करने चाहिए। राज बब्बर ने कहा कि जो राजनीतिक दल वर्तमान में सत्ता में है और जिसके पास सबसे अधिक जनप्रतिनिधि हैं, लोकतंत्र की रक्षा करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी उसी की होती है।

राम मंदिर में चोरी की घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

मीडिया से बातचीत के दौरान राज बब्बर ने राम मंदिर में हाल ही में सामने आए चोरी के मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

आयकर अधिनियम 2025 पर हुआ सेमिनार

सेमिनार का आयोजन चैंबर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल की अध्यक्षता और आयकर प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनिल वर्मा के संयोजन में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आयकर अधिनियम 2025 और नई कर व्यवस्था की जानकारी व्यापारियों, उद्यमियों और करदाताओं तक पहुंचाना था। राज बब्बर ने कहा कि इस तरह के आयोजन करदाताओं की शंकाओं को दूर करने और उन्हें नए कानूनों की जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 विशेषज्ञों ने दी कर संबंधी जानकारी

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. कपिल गोयल ने करदाताओं के अधिकार और कर्तव्यों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 265 का उल्लेख करते हुए कहा कि कर वसूली पूरी तरह कानून के दायरे में होनी चाहिए। उन्होंने नोटिसों के जवाब और कानूनी सुरक्षा उपायों पर भी प्रकाश डाला। वहीं, कर विशेषज्ञ रानो जैन ने सर्वे, सर्च और जब्ती की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि नियमानुसार विवाहित महिला 500 ग्राम, अविवाहित युवती 250 ग्राम और पुरुष 100 ग्राम तक सोना अपने पास रख सकता है।

 बड़ी संख्या में पहुंचे व्यापारी

सेमिनार में व्यापार जगत और कर क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में टैक्सेशन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकिशोर खंडेलवाल ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में अंबा प्रसाद गर्ग, विनय मित्तल, केके पालीवाल, राजकुमार अग्रवाल और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

Location :  Agra

Published :  21 June 2026, 2:15 PM IST