
मानसून सत्र (Img- Pinterest)
New Delhi: दिल्ली की तपिश के बीच संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, जो 13 अगस्त तक चलेगा। इस बार का सत्र केवल साधारण बैठकों का जरिया नहीं, बल्कि सरकार और विपक्ष के बीच आर-पार की लड़ाई का मैदान बनने वाला है।
इन 25 दिनों में कुल 19 बैठकें होंगी, जिसके लिए सरकार ने अपना एजेंडा बिल्कुल साफ कर दिया है। लोकसभा में इस बार 7 नए बिल पेश किए जाने हैं, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा 'वंदे मातरम के अपमान को रोकने' और 'विदेशी चंदा कानून में बदलाव' से जुड़े विधेयकों की हो रही है।
सत्र को शांति से चलाने और अपनी बात मजबूती से रखने के लिए शुक्रवार को दिल्ली के कर्तव्य भवन में एनडीए (NDA) के बड़े नेताओं की एक अहम बैठक हुई। इसमें जेपी नड्डा और शिवराज सिंह चौहान जैसे सीनियर मंत्रियों ने रणनीति बनाई।
लेकिन दूसरी तरफ, कांग्रेस और पूरे विपक्ष ने भी सरकार को घेरने का पूरा मन बना लिया है। विपक्ष के पास इस बार NEET-UG पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में धांधली और अयोध्या राम मंदिर से जुड़ा दान विवाद जैसे बेहद संवेदनशील मुद्दे हैं, जिन पर वे सरकार से सीधे जवाब मांगेंगे।
इस बार की अस्थायी सूची में परिसीमन या महिला आरक्षण जैसे किसी बड़े संविधान संशोधन बिल का जिक्र नहीं है, जिस पर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी और गौरव गोगोई का कहना है कि वे महिला आरक्षण के साथ हैं, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ना ठीक नहीं है।
विपक्ष का आरोप है कि शिक्षा मंत्री देश की शिक्षा व्यवस्था संभालने में नाकाम रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार विपक्ष के उठाए इन तीखे सवालों और मणिपुर जैसे मुद्दों पर खुलकर जवाब देगी या फिर यह पूरा सत्र हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा।
Location : New Delhi
Published : 18 July 2026, 1:54 PM IST