Pakistan Economic Crisis: पाकिस्तान को फिर फैलाने पड़े हाथ! क्या 10 अरब डॉलर से खत्म होगा आर्थिक संकट?

आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने अमेरिका से 10 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता मांगी है। रॉयटर्स के अनुसार यह अनुरोध अमेरिकी ट्रेजरी को भेजा गया है। यदि मंजूरी मिलती है तो पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिलेगी, हालांकि अभी दोनों देशों ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 July 2026, 11:08 AM IST

New Delhi: गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे पाकिस्तान ने अब अमेरिका से 10 अरब डॉलर (करीब 83 हजार करोड़ रुपये) की वित्तीय सहायता का अनुरोध किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट को पत्र भेजकर 'बाइलेटरल एक्सचेंज स्टेबिलाइजेशन सपोर्ट फैसिलिटी' के तहत पांच वर्षों के लिए आर्थिक मदद मांगी है। हालांकि, इस अनुरोध पर अभी तक अमेरिका या पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

IMF पैकेज के बावजूद क्यों बढ़ी मुश्किलें?

रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के 7 अरब डॉलर के बेलआउट कार्यक्रम के बावजूद पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बना हुआ है। देश विदेशी मुद्रा संकट, बढ़ते कर्ज, महंगाई और कमजोर आर्थिक विकास जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में अतिरिक्त वित्तीय सहायता की जरूरत महसूस की जा रही है।

अमेरिका से क्यों बढ़ीं उम्मीदें?

विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका-ईरान तनाव के दौरान पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता के बाद इस्लामाबाद को वॉशिंगटन से सहयोग मिलने की उम्मीद बढ़ी है। हाल ही में पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट से मुलाकात कर क्षेत्रीय भू-राजनीतिक हालात और उनके आर्थिक प्रभाव पर चर्चा की थी।

क्या होगा 10 अरब डॉलर मिलने का असर?

यदि अमेरिका इस वित्तीय सहायता को मंजूरी देता है, तो पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिल सकती है। इससे पाकिस्तानी रुपये पर दबाव कम होगा, अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और IMF समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर निर्भरता घट सकती है।

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पहले भी कई बार मिल चुकी है आर्थिक मदद

पाकिस्तान वर्ष 2023 में डिफॉल्ट के कगार पर पहुंच गया था। उस समय IMF ने 3 अरब डॉलर का स्टैंडबाय पैकेज दिया था। बाद में 7 अरब डॉलर का विस्तारित सहायता कार्यक्रम और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए 1.3 अरब डॉलर का अतिरिक्त ऋण भी मंजूर किया गया। इसके अलावा चीन, सऊदी अरब और अन्य सहयोगी देशों की आर्थिक मदद भी पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का अहम सहारा रही है।

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अब फैसले पर टिकी दुनिया की नजर

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका पाकिस्तान की 10 अरब डॉलर की मांग स्वीकार करेगा। यदि ऐसा होता है तो यह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। वहीं, इनकार की स्थिति में इस्लामाबाद के सामने आर्थिक चुनौतियां और गहरा सकती हैं।

Location :  New Delhi

Published :  23 July 2026, 11:08 AM IST