
निशिकांत दुबे ने बताया एजेंडा (IMG: Dynamite News)
Deoghar News: गोड्डा सांसद और भाजपा नेता निशिकांत दुबे को लोकसभा की संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति की लगातार दूसरी बार अध्यक्षता की जिम्मेदारी मिली है। समिति के 2026-27 के लिए पुनर्गठन के बाद रविवार को देवघर पहुंचे निशिकांत दुबे ने अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर प्राथमिकताओं की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्हें जो दायित्व मिला है, उसे पूरी गंभीरता से निभाने का प्रयास करेंगे।
निशिकांत दुबे ने कहा कि देश की संचार व्यवस्था में पोस्ट ऑफिस और टेलीकॉम की भूमिका महत्वपूर्ण है। उनकी प्राथमिकताओं में इन दोनों क्षेत्रों को नई दिशा देने के साथ ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक संचार सुविधाओं को मजबूत करना शामिल है। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में संचार व्यवस्था का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में तकनीक का इस्तेमाल केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों और सुदूर इलाकों तक भी आधुनिक सुविधाएं पहुंचें, इस दिशा में काम करने की जरूरत है।
ग्रामीण डिजिटल कनेक्टिविटी को लेकर निशिकांत दुबे ने ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के विस्तार को अहम प्राथमिकता बताया। उनका कहना है कि डिजिटल सुविधाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों को भी मजबूत इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ा जाए। संसदीय समिति पहले भी ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में टेलीकॉम कनेक्टिविटी से जुड़े मुद्दों की समीक्षा कर चुकी है।
निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने आम लोगों को अपनी बात रखने का बड़ा मंच दिया है। इसके जरिए सूचनाओं का प्रसार तेजी से होता है, लेकिन इसके दुरुपयोग की चुनौती भी मौजूद है। उनके मुताबिक सूचना और संचार के क्षेत्र में तकनीक के बेहतर इस्तेमाल के साथ जवाबदेही और निगरानी भी महत्वपूर्ण है।
नई जिम्मेदारी के बाद देवघर पहुंचे निशिकांत दुबे, गांवों की कनेक्टिविटी से SIR तक बोले
@nishikant_dubey #Deoghar #SIR2026 https://t.co/Zr3I9AqHVF— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) October 4, 2026
देवघर में निशिकांत दुबे ने SIR यानी Special Intensive Revision के मुद्दे पर विपक्षी दलों को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का विरोध करने के पीछे कुछ राजनीतिक दलों की अपनी चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुचिता और उसमें शामिल लोगों की पात्रता को लेकर जानकारी जुटाना चुनावी व्यवस्था का हिस्सा है। निशिकांत दुबे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की ओर से किए जा रहे विरोध पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग मतदाताओं की पृष्ठभूमि और नागरिकता से जुड़ी जानकारी की जांच कर रहा है, तो इसमें आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
निशिकांत दुबे ने कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने SIR के विरोध को लेकर विपक्षी दलों की मंशा पर सवाल उठाए और कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शी मतदाता सूची का महत्व समझना जरूरी है। इसी दौरान उन्होंने SIR का विरोध करने वाली पार्टियों को लेकर तीखी टिप्पणी भी की और कहा कि ऐसी पार्टियों को “हिन्द महासागर में गोता लगा लेना चाहिए।” यह बयान अब SIR को लेकर चल रही राजनीतिक बहस में उनके रुख को लेकर चर्चा में है।
निशिकांत दुबे को संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति की लगातार दूसरी बार कमान मिली है। 2026-27 के लिए संसदीय स्थायी समितियों के पुनर्गठन के बाद वह इस समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे। नई जिम्मेदारी के साथ उनके सामने टेलीकॉम, डिजिटल कनेक्टिविटी, सूचना प्रौद्योगिकी और सोशल मीडिया से जुड़े कई मुद्दे रहेंगे। खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों तक डिजिटल नेटवर्क का विस्तार और दूरदराज के इलाकों को बेहतर संचार सुविधाओं से जोड़ना उनके बताए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल है।
Location : Deoghar
Published : 4 October 2026, 7:04 PM IST