राहुल गांधी तक क्यों नहीं पहुंची पीड़िताओं की आवाज? बांसुरी स्वराज के तीखे हमलों के बीच JNU ने प्रोफेसर पद से हटाया

JNU की 11 छात्राओं की शिकायतों और प्रोफेसर पद से बिमोल अकोइजाम को हटाए जाने के बाद भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किए हैं। इस मामले में राहुल गांधी से बांसुरी स्वराज ने क्या पूछा?

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 11 October 2026, 4:23 PM IST
google-preferred

New Delhi: मणिपुर से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की 11 छात्राओं की ओर से लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या छात्राओं की शिकायतें उन तक नहीं पहुंचीं। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से अपने सांसद के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी की।

बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी से पूछे सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांसुरी स्वराज ने कहा कि 11 छात्राओं ने मई 2026 में बिमोल अकोइजाम के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या छात्राओं की आवाज राहुल गांधी तक नहीं पहुंची।

बांसुरी स्वराज के मुताबिक, शिकायतों में पढ़ाई से जुड़ी मौखिक परीक्षाओं के दौरान कथित तौर पर यौन प्रकृति के अनुचित सवाल पूछने, बिना सहमति छूने और अन्य अनुचित व्यवहार के आरोप शामिल हैं। उन्होंने कांग्रेस से मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।

क्लास रूम से लेकर घर तक हैवानियत, JNU के प्रोफेसर की घिनौनी करतूतों का कैसे हुआ भंडाफोड़?

JNU की जांच के बाद प्रोफेसर पद से हटाए गए अकोइजाम

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, JNU ने 9 अक्टूबर 2026 को प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया। विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने शिकायतों की जांच की थी और बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी। अकोइजाम विश्वविद्यालय के सामाजिक व्यवस्था अध्ययन केंद्र से जुड़े थे और मणिपुर की इनर मणिपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद हैं।

अकोइजाम ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

रिपोर्टों के मुताबिक, अकोइजाम ने विश्वविद्यालय की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश बताया है। उन्होंने जांच प्रक्रिया और आरोपों से जुड़े साक्ष्यों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ऐसे में इस मामले में छात्राओं की शिकायतों, आंतरिक समिति की जांच और अकोइजाम के पक्ष तीनों को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है।

क्लास रूम से लेकर घर तक हैवानियत, JNU के प्रोफेसर की घिनौनी करतूतों का कैसे हुआ भंडाफोड़?

आरोपों पर राजनीतिक बयानबाजी तेज

मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए हैं और कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अकोइजाम ने विश्वविद्यालय की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है। मामले से जुड़े आरोपों और जांच के निष्कर्षों को अलग-अलग समझना जरूरी है; किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों का उल्लेख अपने आप में आपराधिक दोष सिद्ध होने के समान नहीं है।

Location :  New Delhi

Published :  11 October 2026, 4:23 PM IST

Advertisement