यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं… अखिलेश यादव का बड़ा बयान, सोनम वांगचुक को हटाने पर सरकार पर साधा निशाना

दिल्ली के जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए सरकार और दिल्ली पुलिस को निशाने पर लिया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 18 July 2026, 12:06 PM IST

New Delhi: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरण प्रेमी सोनम वांगचुक को शनिवार को प्रदर्शन स्थल से हटाकर अस्पताल पहुंचाया गया। विपक्ष लगातार सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

जबरदस्ती उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा, सोनम वांगचुक को ‘बल-प्रयोग’ करके, जबरदस्ती उनके आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय समाचार है। आज सुबह घटी ये घटना थोड़ी ही देर में पूरे देश और संपूर्ण विश्व में फैल चुकी है।

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सारी दुनिया और देशभर में सोनम वांगचुक को लेकर गहरी चिंता है और भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रोश भी। जो लोग सादी वर्दी में इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए धोखे से अचानक घुसे थे, उनकी पहचान सार्वजनिक की जाए।

न्यायिक निगरानी में हो इलाज

अखिलेश यादव ने कहा कि ये हमारी पुरजोर मांग है कि सोनम वांगचुक की चिकित्सा ‘न्यायिक निगरानी’ में हो क्योंकि सोनम वांगचुक का जीवन मानवता, पर्यावरण-संरक्षण, लोकतांत्रिक मूल्यों, युवा ऊर्जा की प्रेरणा, साइंस और इनोवेशन के लिए अनमोल है।

भाजपा पर साधा निशाना

सपा प्रमुख ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, हमारे देश की जनता व समस्त विश्व इस समय भाजपा सरकार को संदेह और सवाल भरी संदिग्ध नजर से देख रहा है। दमनकारी राजनीति करनेवाली भाजपा सरकार की इस अवांछनीय कार्रवाई ने इंटरनेशनल लेवल पर हमारे देश की मानवीय और डेमोक्रेटिक इमेज को बेहद धूमिल और खंडित करने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने न कभी गांधी जी में विश्वास किया, न कभी उनके गांधीवादी तौर-तरीकों में। भाजपा की नकारात्मक विचारधारा ही ‘विवाद’ की है; संवाद की नहीं। भाजपा निराशा का पर्याय बन चुकी है। भाजपा सरकार नहीं, अहंकार है!

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दरारवादी है भाजपा की सोच

भाजपा की सोच दरारवादी है, इसीलिए जहां भी एकता, सौहार्द और एकजुटता होती है, भाजपा डरकर प्रतिक्रियावादी बनकर आंदोलनों को तितर-बितर कर देती है लेकिन भाजपा भूल गयी है कि आज की नई पीढ़ी ‘डिजिटल यूनिटी’ के माध्यम से वैचारिक क्रांति लाने में सक्षम है। ऐसा हुआ है, हो रहा है और होगा भी।

Location :  New Delhi

Published :  18 July 2026, 12:06 PM IST