
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी (Img- Internet)
Kolkata: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एक गंभीर कानूनी मामला सामने आया है। शुक्रवार को पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है।
उन पर आरोप है कि उन्होंने बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कई मौकों पर भड़काऊ भाषण दिए और देश के गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ खुलेआम धमकी भरा बयान जारी किया। यह कार्रवाई चुनाव संपन्न होने के बाद राज्य की कानून व्यवस्था और राजनीतिक बयानों की मर्यादा को लेकर एक नई बहस छेड़ चुकी है।
अभिषेक बनर्जी के खिलाफ यह मामला उत्तर 24 परगना जिले के अंतर्गत आने वाले बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह कदम एक सामाजिक कार्यकर्ता की लिखित शिकायत के बाद उठाया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पुलिस ने 15 मई को दोपहर ठीक 2:45 बजे इस प्राथमिकी को दर्ज किया।
चुनाव नतीजों की घोषणा के ठीक अगले ही दिन यानी 5 मई को सामाजिक कार्यकर्ता राजीब सरकार ने इस मामले को लेकर बागुईआटी पुलिस स्टेशन में अपनी शिकायत सौंपी थी, जिसे बाद में जांच के लिए साइबर क्राइम विभाग को ट्रांसफर कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने अपने दावों को मजबूत करने के लिए 27 अप्रैल से 3 मई के बीच दिए गए बयानों के वीडियो लिंक भी सबूत के तौर पर पुलिस को सौंपे हैं।
पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में मुख्य रूप से दो बड़े आरोपों को रेखांकित किया गया है। पहला आरोप यह है कि अभिषेक बनर्जी ने अपनी चुनावी रैलियों में जानबूझकर ऐसी भड़काऊ और धमकी भरी टिप्पणियां कीं, जिससे समाज में सार्वजनिक शांति भंग हो सकती थी और सांप्रदायिक सौहार्द को ठेस पहुंच सकती थी।
दूसरा और सबसे गंभीर आरोप केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़ा है। शिकायत में कहा गया है कि अभिषेक ने न केवल गृह मंत्री के खिलाफ अमर्यादित और धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया, बल्कि सार्वजनिक मंचों से विपक्षी कार्यकर्ताओं को डराने के लिए आक्रामक और हिंसक भाषा का सहारा लिया, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की भावना के खिलाफ है।
इस पूरे विवाद की जड़ में अभिषेक बनर्जी द्वारा पिछले एक महीने के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर किए गए सीधे हमले हैं।
10 अप्रैल 2026: अभिषेक ने शाह के घुसपैठ वाले आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा था कि अगर देश में घुसपैठ हो रही है, तो इसके लिए सीधे तौर पर अमित शाह जिम्मेदार हैं, क्योंकि सीमा सुरक्षा (BSF) और गृह मंत्रालय उन्हीं के अधीन आते हैं, राज्य सरकार के नहीं।
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16 अप्रैल 2026: पूर्व मेदिनीपुर के भगवानपुर की रैली में उन्होंने सीधे चुनौती देते हुए कहा था, "अमित शाह को चैलेंज करता हूँ, दम है तो 4 मई को कोलकाता में रहिएगा। 12 बजे के बाद मुलाकात होगी और पता चलेगा कि आप कितने बड़े गुंडे हैं। खेला तुमने शुरू किया, खत्म टीएमसी करेगी।"
25 अप्रैल 2026: चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह मतदाताओं को डराने की राजनीति कर रहे हैं क्योंकि भाजपा को अपनी हार साफ दिख रही है।
2 मई 2026: चुनाव के ठीक पहले उन्होंने कहा था कि अमित शाह और चुनाव आयोग दोनों कान खोलकर सुन लें, 4 मई को बंगाल की जनता लोकतंत्र को दबाने की हर कोशिश का करारा जवाब देगी।
Location : Kolkata
Published : 16 May 2026, 9:11 AM IST