Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को भूलकर भी न पहनाएं इन 4 रंगों के कपड़े, जानें शुभ मुहूर्त
Janmashtami 2025 पर लड्डू गोपाल के श्रृंगार को लेकर भक्तों में खास उत्साह रहा। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कान्हा के लिए ग्रे, भूरा, लाल और काले रंग के वस्त्रों से बचने की सलाह दी जाती है। जन्माष्टमी पर विशेष पूजा और मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाने की परंपरा है।
जन्माष्टमी का त्योहार भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भक्त लड्डू गोपाल का विशेष श्रृंगार करते हैं और उन्हें नए वस्त्र, मुकुट, आभूषण और बांसुरी से सजाते हैं। अगर आप भी जन्माष्टमी 2026 पर कान्हा के लिए नए कपड़े खरीदने जा रहे हैं, तो वस्त्रों के रंग का भी विशेष ध्यान रखें।
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ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल के श्रृंगार में कुछ रंगों को शुभ नहीं माना जाता है। मान्यता के अनुसार जन्माष्टमी पर कान्हा को ग्रे, भूरा, लाल और काले रंग के वस्त्र पहनाने से बचना चाहिए। हालांकि अलग-अलग धार्मिक परंपराओं में मान्यताएं अलग हो सकती हैं। इसलिए भक्त अपने परिवार की परंपरा और पूजा पद्धति को भी प्राथमिकता दे सकते हैं।
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जन्माष्टमी के दिन घरों और मंदिरों में लड्डू गोपाल का विशेष श्रृंगार किया जाता है। भक्त कान्हा को सुंदर पोशाक पहनाने के साथ मुकुट, मोरपंख, हार, कंगन और बांसुरी से सजाते हैं। भगवान कृष्ण के लिए पीला, हरा और नीला जैसे रंगों के वस्त्र भी भक्तों के बीच काफी पसंद किए जाते हैं। जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल को सुंदर पोशाक पहनाकर आधी रात में उनकी पूजा की जाती है।
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Janmashtami 2026 में जन्माष्टमी की तारीख को लेकर भक्तों के बीच उत्सुकता है। वर्ष 2026 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी। जन्माष्टमी भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में हुआ था, इसलिए इस दिन रात के समय विशेष पूजा करने की परंपरा है।
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2026 में जन्माष्टमी की पूजा के लिए मध्यरात्रि का समय सबसे महत्वपूर्ण माना जाएगा। इस दौरान भक्त भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाएंगे, उनका अभिषेक करेंगे और पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरित करेंगे। पूजा के सटीक मुहूर्त में स्थान के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अपने शहर के पंचांग के अनुसार पूजा का समय देखना उचित रहेगा।
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लड्डू गोपाल के वस्त्र खरीदते समय केवल डिजाइन और सुंदरता पर ध्यान न दें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वस्त्र के रंग को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। जन्माष्टमी पर कान्हा के लिए शुभ माने जाने वाले रंगों के वस्त्र चुने जा सकते हैं। इसके साथ ही श्रृंगार में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। पूजा में इस्तेमाल होने वाले वस्त्र और आभूषण स्वच्छ होने चाहिए।
जन्माष्टमी का त्योहार भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भक्त लड्डू गोपाल का विशेष श्रृंगार करते हैं और उन्हें नए वस्त्र, मुकुट, आभूषण और बांसुरी से सजाते हैं। अगर आप भी जन्माष्टमी 2026 पर कान्हा के लिए नए कपड़े खरीदने जा रहे हैं, तो वस्त्रों के रंग का भी विशेष ध्यान रखें।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल के श्रृंगार में कुछ रंगों को शुभ नहीं माना जाता है। मान्यता के अनुसार जन्माष्टमी पर कान्हा को ग्रे, भूरा, लाल और काले रंग के वस्त्र पहनाने से बचना चाहिए। हालांकि अलग-अलग धार्मिक परंपराओं में मान्यताएं अलग हो सकती हैं। इसलिए भक्त अपने परिवार की परंपरा और पूजा पद्धति को भी प्राथमिकता दे सकते हैं।
जन्माष्टमी के दिन घरों और मंदिरों में लड्डू गोपाल का विशेष श्रृंगार किया जाता है। भक्त कान्हा को सुंदर पोशाक पहनाने के साथ मुकुट, मोरपंख, हार, कंगन और बांसुरी से सजाते हैं। भगवान कृष्ण के लिए पीला, हरा और नीला जैसे रंगों के वस्त्र भी भक्तों के बीच काफी पसंद किए जाते हैं। जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल को सुंदर पोशाक पहनाकर आधी रात में उनकी पूजा की जाती है।
Janmashtami 2026 में जन्माष्टमी की तारीख को लेकर भक्तों के बीच उत्सुकता है। वर्ष 2026 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी। जन्माष्टमी भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में हुआ था, इसलिए इस दिन रात के समय विशेष पूजा करने की परंपरा है।
2026 में जन्माष्टमी की पूजा के लिए मध्यरात्रि का समय सबसे महत्वपूर्ण माना जाएगा। इस दौरान भक्त भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाएंगे, उनका अभिषेक करेंगे और पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरित करेंगे। पूजा के सटीक मुहूर्त में स्थान के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अपने शहर के पंचांग के अनुसार पूजा का समय देखना उचित रहेगा।
लड्डू गोपाल के वस्त्र खरीदते समय केवल डिजाइन और सुंदरता पर ध्यान न दें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वस्त्र के रंग को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। जन्माष्टमी पर कान्हा के लिए शुभ माने जाने वाले रंगों के वस्त्र चुने जा सकते हैं। इसके साथ ही श्रृंगार में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। पूजा में इस्तेमाल होने वाले वस्त्र और आभूषण स्वच्छ होने चाहिए।