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त्रेतायुग में लंका के राजा रावण ने माता सीता का छलपूर्वक अपहरण कर लिया था। इसके बाद भगवान श्रीराम ने वानर सेना की मदद से लंका पर चढ़ाई की। श्रीराम और रावण के बीच हुए लंबे युद्ध के बाद, भगवान राम ने दशमी तिथि को रावण का वध किया था। रावण को एक 'राक्षस' माना गया है। असत्य पर सत्य की इस जीत की खुशी में आज भी देश के कई हिस्सों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं और इसे दशहरा कहा जाता है।(सोर्स- Pinterest)
Published : 19 October 2026, 2:55 PM IST