
New Delhi: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान सिर्फ नारे ही नहीं, बल्कि हाथों में उठे पोस्टर भी लोगों का ध्यान खींचते नजर आए। हाथों में पोस्टर, तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे लोगों ने अलग-अलग अंदाज में अपनी मांगों और नाराजगी को सामने रखते दिखे।
कई पोस्टरों पर शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय जैसे विषयों से जुड़े संदेश लिखे गए हैं। इसके अलावा, कई लोग सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में पोस्टर लिए हुए भी दिखे।
प्रदर्शनकारियों ने सामान्य नारों की बजाय रचनात्मक और व्यंग्यात्मक संदेशों का सहारा लिया। किसी पोस्टर पर "भय मुक्त भारत, अन्याय मुक्त भारत" लिखा था, तो कहीं "दूसरी आजादी" का संदेश दिखाई दिया। कुछ पोस्टरों में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए, जबकि कई तख्तियों पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की गई। इन पोस्टरों ने वहां मौजूद लोगों और राहगीरों का भी ध्यान अपनी ओर खींचा।
प्रदर्शन स्थल पर कई लोग सोनम वांगचुक की तस्वीर वाले पोस्टर लेकर पहुंचे। कुछ पोस्टरों में उनके समर्थन में अपील लिखी गई थी, जबकि एक पोस्टर में अस्पताल से भेजे गए संदेश का उल्लेख करते हुए अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करने की बात कही गई। प्रदर्शनकारियों ने इसे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने का माध्यम बताया।
जंतर-मंतर पर लगाए गए अस्थायी टेंट और दीवारों पर भी लोगों ने अपने विचार दर्ज किए। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और भविष्य को लेकर अपनी चिंताएं लिखीं। कई लोगों ने हस्ताक्षर कर आंदोलन के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया।
कुछ प्रदर्शनकारी अपने साथ पुराने समाचार पत्रों की कटिंग लेकर पहुंचे। उनका कहना था कि जिन मुद्दों को लेकर वे आवाज उठा रहे हैं, वे लंबे समय से चर्चा में हैं। इन कटिंग्स के जरिए उन्होंने अपने पक्ष को मजबूती से रखने की कोशिश की।
जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन में पोस्टर केवल विरोध दर्ज कराने का माध्यम नहीं रहे, बल्कि आंदोलन की पहचान बनकर उभरे। अलग-अलग संदेशों, चित्रों और नारों से सजे पोस्टरों ने प्रदर्शन को रचनात्मक रूप दिया और वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
Location : New Delhi
Published : 19 July 2026, 4:05 PM IST