AI Impact Summit 2026 में ADAS और AI से लैस स्मार्ट स्कूटी पेश की गई। Hero Xoom कॉन्सेप्ट मॉडल में ऑटो ब्रेकिंग, ब्लाइंड स्पॉट अलर्ट और स्लीपी राइडर फीचर शामिल हैं। दोपहिया सड़क हादसों को कम करने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है।

दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित AI Impact Summit 2026 में इस बार एक ऐसी तकनीक ने सबका ध्यान खींचा है, जो सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है। कारों के बाद अब स्कूटी में भी ADAS यानी एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फीचर्स को शामिल करने की पहल सामने आई है। (Img Source: google)
भारत में दोपहिया वाहन सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन सड़क हादसों में मौत के मामलों में भी इनकी हिस्सेदारी सबसे अधिक है। ऐसे में AI और ADAS से लैस स्कूटी को भविष्य की सुरक्षित मोबिलिटी की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। (Img Source: google)
सड़क सुरक्षा से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, देश में होने वाली कुल सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 45 प्रतिशत मौतें दोपहिया चालकों की होती हैं। कारों में पहले से ही ऑटोमैटिक ब्रेकिंग, लेन असिस्ट और ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन जैसे फीचर्स उपलब्ध हैं, लेकिन स्कूटी और बाइक में ऐसी उन्नत सुरक्षा तकनीक अब तक नहीं थी। समिट में पेश की गई Hero Xoom के कॉन्सेप्ट मॉडल में यही कमी पूरी करने की कोशिश की गई है। (Img Source: google)
इस स्मार्ट स्कूटी में कैमरा, रडार और अत्याधुनिक सेंसर लगाए गए हैं, जो रियल टाइम में सड़क की गतिविधियों को स्कैन करते हैं। ऑटोमैटिक ब्रेकिंग सिस्टम: सामने अचानक वाहन या पैदल यात्री आने पर सिस्टम तुरंत चेतावनी देगा और जरूरत पड़ने पर ब्रेकिंग में मदद करेगा। ब्लाइंड स्पॉट अलर्ट: साइड से आने वाले वाहनों की जानकारी डिस्प्ले या संकेतक के जरिए मिलेगी। स्लीपी राइडर अलर्ट: राइडर की आंखों और चेहरे की गतिविधि का विश्लेषण कर थकान के संकेत मिलने पर अलर्ट जारी होगा। लेन कीपिंग असिस्ट: हाईवे पर स्कूटी को लेन में बनाए रखने के लिए गाइडेंस मिलेगा। कनेक्टेड फीचर्स: व्हीकल-टू-व्हीकल कम्युनिकेशन के जरिए आगे की गाड़ी के ब्रेक लगाने की सूचना पहले मिल सकती है। (Img Source: google)
समिट के दौरान परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों ने संकेत दिए कि सरकार दोपहिया सुरक्षा में AI तकनीक के उपयोग पर गंभीरता से काम कर रही है। डेटा आधारित मॉडल तैयार किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में इन फीचर्स को व्यापक रूप से लागू किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि दोपहिया वाहनों में संरचनात्मक सुरक्षा सीमित होती है। ऐसे में स्मार्ट तकनीक ही दुर्घटनाओं को कम करने का प्रभावी उपाय बन सकती है। (Img Source: google)
फिलहाल यह तकनीक कॉन्सेप्ट स्तर पर है, लेकिन अगर परीक्षण सफल रहते हैं तो आने वाले समय में प्रीमियम स्कूटर सेगमेंट में AI और ADAS आधारित मॉडल देखने को मिल सकते हैं। अगर यह पहल सफल होती है तो भारत जैसे देश में, जहां स्कूटी और बाइक दैनिक जीवन का हिस्सा हैं, सड़क सुरक्षा के आंकड़ों में उल्लेखनीय सुधार संभव है। AI आधारित स्मार्ट स्कूटी आने वाले वर्षों में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सुरक्षित यात्रा का नया मानक तय कर सकती है। (Img Source: google)