गुजरात सरकार का बड़ा फैसला: वडोदरा में सांसद यूसुफ पठान को 14 साल पुराने विवाद के बाद मिली जमीन आवंटन की मंजूरी

गुजरात सरकार ने वडोदरा से सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान को 978 वर्ग मीटर जमीन के आवंटन को मंजूरी दे दी है। 20.53 करोड़ की इस जमीन में 500 वर्ग मीटर मुफ्त और शेष के लिए भुगतान करना होगा। 14 साल पुराने इस विवाद में हाईकोर्ट से अपील वापस लेने के बाद अब प्रक्रिया शुरू हुई है।

Updated : 20 October 2026, 2:18 PM IST
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Vadodara: गुजरात सरकार ने वडोदरा से सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान को एक बड़े फैसले के तहत शहर में 978 वर्ग मीटर जमीन के आवंटन को मंजूरी दे दी है। यह जमीन उनके तांदलजा इलाके में स्थित पारिवारिक बंगले के पास है, जहां वे अपने भाई इरफान पठान और माता-पिता के साथ रहते हैं। इस मामले को लेकर सरकार और पठान परिवार के बीच पिछले 14 वर्षों से कानूनी और प्रशासनिक खींचतान चल रही थी।

क्या है जमीन की पूरी गणित और लागत?

इस पूरी जमीन की कुल अनुमानित कीमत बाजार मूल्य के अनुसार करीब 20.53 करोड़ रुपए आंकी गई है। हालांकि, तय व्यवस्था के तहत नियमों और छूट के आधार पर इसका वित्तीय विवरण इस प्रकार है-

मुफ्त मिलने वाली जमीन: कुल 978 वर्ग मीटर में से 500 वर्ग मीटर जमीन बिल्कुल मुफ्त दी जा रही है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 10.50 करोड़ रुपए है।

भुगतान योग्य जमीन: बाकी बची 478 वर्ग मीटर जमीन के लिए तय कीमत का 55% हिस्सा यानी लगभग 5.52 करोड़ रुपए का भुगतान करना होगा।

इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से नगर निगम को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नगर निगम आयुक्त ने इस प्लॉट के आवंटन का प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए स्थायी समिति के समक्ष पेश कर दिया है, हालांकि मालिकाना हक मिलने की औपचारिक प्रक्रिया अभी पूरी होना बाकी है।

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14 साल पुराना विवाद और कानूनी सफर

शुरुआत (2012): यूसुफ पठान ने मार्च 2012 में नगर निगम को पत्र लिखकर अपने बंगले के पास स्थित इस प्लॉट की मांग की थी। नगर निगम ने प्रस्ताव आगे बढ़ाया, लेकिन जून 2014 में गुजरात सरकार ने बिना सार्वजनिक नीलामी के जमीन देने के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।

कब्जा और कानूनी लड़ाई (2024-2025): जमीन न मिलने के बावजूद वहां बाउंड्री वॉल और पशुओं के लिए शेड बना लिया गया था। जून 2024 में नगर निगम द्वारा अवैध कब्जा हटाने का नोटिस दिए जाने पर मामला हाईकोर्ट जा पहुंचा। 21 अगस्त 2025 को सिंगल बेंच ने उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद फरवरी 2026 में डिवीजन बेंच में अपील की गई।

अपील वापसी और समाधान (2026): इस साल जून में कोर्ट ने जमीन पर बिना कानूनी आवंटन के कब्जे और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए थे। इसके बाद नगर निगम ने इस प्लॉट को नीलामी सूची में भी शामिल किया। अंततः, 31 अगस्त 2026 को यूसुफ पठान ने हाईकोर्ट से अपनी अपील वापस ले ली, जिसके बाद अब जाकर 14 साल बाद इस जमीन के आवंटन की प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई है।

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राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ी चर्चा

इस जमीन विवाद और कानूनी प्रक्रिया के बीच राजनीतिक गलियारों में भी हलचल देखने को मिली। मीडिया रिपोर्ट्स और दावों के अनुसार, इसी साल 14 जून को यूसुफ पठान ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दामन छोड़कर 'नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) जॉइन कर ली थी। उनके साथ TMC के 19 अन्य सांसदों के भी पार्टी छोड़ने का दावा किया गया था, जिनमें से बागी गुट के 17 सांसद उसी दिन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से भी मिले थे।

Location :  Vadodara

Published :  20 October 2026, 2:18 PM IST

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