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यासीन मलिक की बढ़ीं मुश्किलें
नई दिल्ली: कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली की विशेष अदालत ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यासीन मलिक समेत सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। यह मामला हवाला चैनलों के जरिए पाकिस्तानी प्रतिष्ठानों से कथित तौर पर विदेशी फंडिंग हासिल करने से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि इस माध्यम से करीब 8.94 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। हालांकि, आरोपों पर अंतिम फैसला मुकदमे की सुनवाई के बाद होगा।
जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर हवाला नेटवर्क के जरिए 8 करोड़ 94 लाख 87 हजार 639 रुपये हासिल किए। ED का यह मामला वर्ष 2017 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से दर्ज किए गए मामले से जुड़ा है।
NIA के मूल मामले में कथित आपराधिक साजिश, भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने से संबंधित अपराधों और गैरकानूनी गतिविधियों समेत कई आरोप शामिल हैं। मामले में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 120B, 121 और 121A तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि कथित फंडिंग का इस्तेमाल अलगाववादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने और विध्वंसक गतिविधियों के लिए किया गया। इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जानी है।
इस मामले में ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की है। इससे पहले अदालत ने यासीन मलिक और अन्य आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की धाराओं 3 और 4 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था।
PMLA की धारा 3 धनशोधन के अपराध से संबंधित है, जबकि धारा 4 में इसके लिए सजा का प्रावधान है। अदालत की ओर से मुकदमा चलाने का आदेश दिए जाने का अर्थ है कि मामले में न्यायिक कार्यवाही आगे बढ़ेगी। इसे आरोपियों के दोषी ठहराए जाने के बराबर नहीं माना जा सकता।
मामले में यासीन मलिक के अलावा छह अन्य आरोपियों के नाम भी शामिल हैं। इनमें जहूर अहमद शाह वटाली, अब्दुल रशीद शेख, शब्बीर अहमद शाह, नवल किशोर कपूर, मसरत आलम भट और ट्रिसन फ्रेम्स एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
अदालत के समक्ष जांच एजेंसी ने आरोपियों के कथित वित्तीय लेनदेन और फंडिंग नेटवर्क से जुड़े आरोप रखे हैं। अभियोजन पक्ष का दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए धन जुटाकर अलगाववादी गतिविधियों को समर्थन दिया गया।
इस पूरे मामले की शुरुआत वर्ष 2017 में दर्ज NIA केस से जुड़ी है। जांच एजेंसी ने कथित आतंकवादी गतिविधियों और अलगाववादी नेटवर्क की फंडिंग की जांच के दौरान कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की थी। बाद में ED ने कथित धनशोधन के पहलू की जांच शुरू की।
अब विशेष अदालत के आदेश के बाद सातों आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही आगे बढ़ेगी। मामले में आरोपों, जांच एजेंसियों के साक्ष्यों और बचाव पक्ष की दलीलों पर सुनवाई के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
Location : New Delhi
Published : 24 October 2026, 12:24 PM IST
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