पश्चिमी विक्षोभ के असर से देश के कई हिस्सों में मौसम अचानक बदल गया है। कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। मौसम में इस बदलाव से तापमान में गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन खराब मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह भी दी गई है।

प्रतिकात्मक छवि (Img: Google)
New Delhi: देशभर के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। कई राज्यों में बारिश, तेज आंधी और तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक यह असर बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम में आए इस बदलाव से जहां एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ तेज हवाओं और खराब मौसम ने चिंता भी बढ़ा दी है।
मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। इसके अलावा मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में भी बादल छाए रहने, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश के आसार जताए गए हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव सामान्य नहीं, बल्कि एक सक्रिय मौसमी तंत्र का असर है, जो बड़े क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ एक ऐसा मौसमी तंत्र है, जो भूमध्यसागर क्षेत्र से उत्पन्न होकर भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों तक पहुंचता है। जब यह सक्रिय होता है, तब उत्तर भारत समेत कई इलाकों में मौसम अचानक बदल जाता है। इसके प्रभाव से बारिश, आंधी, बादल और तापमान में गिरावट जैसी स्थितियां बनती हैं। यही वजह है कि अप्रैल की गर्मी के बीच अब कई जगहों पर ठंडी हवाएं और बारिश देखने को मिल रही है।
हालांकि यह मौसम बदलाव राहत लेकर आया है, लेकिन इसके साथ नुकसान की आशंका भी जुड़ी हुई है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और कच्चे मकानों या कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की संभावना है। वहीं, ओलावृष्टि और बारिश का असर खेतों में खड़ी फसलों पर भी पड़ सकता है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए पहले से जरूरी इंतजाम कर लें। खुले खेतों में खड़ी फसलों को तेज हवाओं और ओलों से बचाने की कोशिश करें। वहीं आम लोगों को भी खराब मौसम के दौरान बेवजह बाहर निकलने से बचने, पेड़ों और कमजोर दीवारों से दूर रहने और बिजली कड़कने के समय सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, यह मौसम राहत भी दे रहा है और सतर्कता की मांग भी कर रहा है।