
प्रतीकात्मक छवि (Img- Pinterest)
New Delhi: देशभर में सुस्त पड़ा मानसून एक बार फिर विनाशकारी रफ्तार पकड़ने जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने बेहद डराने वाली चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि अगले 60 घंटों के भीतर देश के 22 राज्यों में मानसून का 'तांडव' शुरू होने वाला है। बंगाल की खाड़ी में आकार ले रहे एक संभावित कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) ने मौसम के मिजाज को पूरी तरह बदल दिया है। इसके प्रभाव से न सिर्फ मूसलाधार बारिश होगी, बल्कि तेज आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली (वज्रपात), जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भीषण भूस्खलन का खतरा भी एक साथ पैदा हो गया है। जुलाई के उत्तरार्ध में मानसून का यह सबसे रौद्र रूप होने जा रहा है, जिससे कई राज्यों में अचानक बाढ़ (Flash Floods) की गंभीर स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक 17 जुलाई से उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का एक नया और खतरनाक दौर शुरू हो रहा है। अगले 48 से 60 घंटे पहाड़ों के लिए बेहद संवेदनशील हैं।
उत्तराखंड: नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत में भारी बारिश की चेतावनी है। लगातार बारिश के चलते भूस्खलन (Landslides) और चट्टानें खिसकने का खतरा बढ़ गया है। नदी-नाले उफान पर हैं और चारधाम यात्रा मार्गों पर प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
हिमाचल प्रदेश: शिमला, कुल्लू, कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर, सुंदरनगर और भुंतर जैसे इलाकों में भारी बारिश के साथ 37 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। यहां फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए पर्यटकों को बेवजह सफर न करने की सलाह दी गई है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी मौसम बिगड़ने के पूरे आसार हैं।
यह भी पढ़ें-दिल थाम लीजिए! इस महीने लॉन्च होंगे ये 5 दमदार स्मार्टफोन, फीचर्स और कीमत जानकर खरीदने का हो जाएगा मन
बंगाल की खाड़ी की मौसमी प्रणाली का सबसे घातक असर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में दिखेगा, जहां लगातार बारिश से हालात बेकाबू हो सकते हैं।
बिहार का सीमांचल: अररिया और किशनगंज में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। समस्तीपुर, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, चंपारण, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा, भागलपुर, बांका और बेगूसराय में मध्यम से भारी बारिश की वजह से नदियां खतरे के निशान को पार कर सकती हैं। हालांकि, पटना, गया और नालंदा में राहत रहेगी।
पश्चिम बंगाल: कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल के अधिकांश जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। अलीपुर मौसम केंद्र ने कई हिस्सों में 'येलो वॉर्निंग' जारी की है। 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं और निचले इलाकों में जलभराव मुसीबत बढ़ाएगा। दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी में भी संकट गहरा सकता है।
पूर्वोत्तर के 7 राज्य: असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अत्यधिक भारी बारिश के कारण बाढ़ का खतरा चरम पर है। नदियां पहले ही उफान पर हैं, जिससे सड़क संपर्क टूटने और भूस्खलन की पूरी आशंका है।
एक तरफ जहां आधा देश पानी-पानी होगा, वहीं उत्तर-पश्चिम के मैदानी इलाकों में मानसून की रफ्तार थोड़ी सुस्त ही रहेगी।
दिल्ली-एनसीआर: 15 से 19 जुलाई के बीच राजधानी में बादलों की आवाजाही तो रहेगी, लेकिन व्यापक बारिश की उम्मीद नहीं है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा, जिससे लोगों को फिलहाल उमस और गर्मी झेलनी पड़ेगी।
राजस्थान: राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल कमजोर है। अगले एक हफ्ते तक अच्छी बारिश की उम्मीद नहीं है, लेकिन बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू में हल्की फुहारें पड़ सकती हैं। 16-17 जुलाई को उदयपुर संभाग में हल्की वर्षा की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली धूलभरी आंधियां लोगों को परेशान करेंगी।
यह भी पढ़ें-बंधे पर नहीं मिला काम, फाइलों में दौड़ पड़ा विकास! तहसीलदार की रिपोर्ट से सिंचाई विभाग के दावों की खुली पोल
उत्तर प्रदेश: यूपी के कई जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश और आंधी का 'डबल अलर्ट' जारी किया है। लखनऊ, कानपुर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, हरदोई, शाहजहांपुर, बाराबंकी, रायबरेली, इटावा, जालौन, बांदा, आगरा और औरैया में तेज हवाओं के साथ बारिश होगी। प्रयागराज के आसपास 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से चक्रवाती हवाएं चल सकती हैं। खुले में काम करने वाले लोगों और किसानों को सतर्क रहने को कहा गया है।
मध्य प्रदेश: एमपी में मौसम के दो रूप दिखेंगे। इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, मंदसौर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, कटनी, शहडोल, सतना, रीवा और सीधी में भारी से बहुत भारी बारिश और 60 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट है। वहीं, राजधानी भोपाल, विदिशा, रायसेन, सागर और जबलपुर में मौसम साफ रहेगा। किसानों को खेतों में जल निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था तुरंत दुरुस्त करने की सलाह दी गई है।
दक्षिण और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में मानसून इस बार सामान्य से कमजोर रहने का अनुमान है। तमिलनाडु में पारा सामान्य से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस ऊपर बना रहेगा, जिससे चेन्नई समेत कई शहरों में उमस बेहाल करेगी। राहत की बात सिर्फ इतनी है कि केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के पश्चिमी घाट से सटे इलाकों में छिटपुट और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है, लेकिन किसी बड़ी या व्यापक आफत की संभावना यहां नहीं है।
Location : New Delhi
Published : 15 July 2026, 8:35 AM IST