शीतकालीन सत्र के पांचवे दिन इटावा से सपा सांसद जितेंद्र दोहरे ने पात्रता परीक्षा टीईटी शिक्षकों का मुद्दा लोकसभा में उठाया। सांसद ने कहा जिस तरह से अब शिक्षकों को पात्रता परीक्षा टीईटी अनिवार्य की गई है, वो उच्चतम न्यायलय के आदेश के खिलाफ हैं।

New Delhi: संसद के शीतकालीन सत्र के पांचवे दिन इटावा से सपा सांसद जितेंद्र दोहरे ने पात्रता परीक्षा टीईटी शिक्षकों का मुद्दा लोकसभा में उठाया। सांसद ने सरकार को घरते हुए कहा पहले प्राइमरी स्कूलों को बंद करने की कोशिश की गई जिसके बाद शिक्षकों की पेंशन बंद की गई और उसके बाद यह परीक्षा शिक्षकों के राजगार पर खतरे की तरह मंडरा रही हैं। सांसद ने कहा जिस तरह से अब शिक्षकों को पात्रता परीक्षा टीईटी अनिवार्य की गई है, वो उच्चतम न्यायलय के आदेश के खिलाफ हैं।
सांसद ने आगे कहा जिस तरह से कई साल पहले भर्ती हुए शिक्षकों ने अपनी योग्यता और कुशलता पर नौकरी दी गई थी, उन सभी को पात्रता परीक्षा टीईटी के माघ्यम से परेशान किया जा रहा हैं। जितेंद्र दोहरे ने कहा शिक्षक समाज के सभी वर्गो से आते है, ऐसे में भाजपा सरकार उनके रोजगार से खिलवाड़ ना करे।
New Delhi: संसद के शीतकालीन सत्र के पांचवे दिन इटावा से सपा सांसद जितेंद्र दोहरे ने पात्रता परीक्षा टीईटी शिक्षकों का मुद्दा लोकसभा में उठाया। सांसद ने सरकार को घरते हुए कहा पहले प्राइमरी स्कूलों को बंद करने की कोशिश की गई जिसके बाद शिक्षकों की पेंशन बंद की गई और उसके बाद यह परीक्षा शिक्षकों के राजगार पर खतरे की तरह मंडरा रही हैं। सांसद ने कहा जिस तरह से अब शिक्षकों को पात्रता परीक्षा टीईटी अनिवार्य की गई है, वो उच्चतम न्यायलय के आदेश के खिलाफ हैं।
सांसद ने आगे कहा जिस तरह से कई साल पहले भर्ती हुए शिक्षकों ने अपनी योग्यता और कुशलता पर नौकरी दी गई थी, उन सभी को पात्रता परीक्षा टीईटी के माघ्यम से परेशान किया जा रहा हैं। जितेंद्र दोहरे ने कहा शिक्षक समाज के सभी वर्गो से आते है, ऐसे में भाजपा सरकार उनके रोजगार से खिलवाड़ ना करे।