
प्रतीकात्मक छवि (Img: X)
New Delhi: UPI यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस से रोजाना डिजिटल पेमेंट करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। भारत सरकार ने साफ किया है कि आम यूजर्स को UPI से भुगतान करने पर कोई ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं देना होगा। यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने वाले UPI ट्रांजैक्शन आगे भी फ्री रहेंगे। हालांकि, भविष्य में कुछ खास मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मामूली MDR यानी Merchant Discount Rate लागू किया जा सकता है।
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, UPI के जरिए भुगतान करने वाले ग्राहकों पर किसी तरह का ट्रांजैक्शन शुल्क लगाने की योजना नहीं है। खास तौर पर P2P यानी Person-to-Person ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त बने रहेंगे।
इसका मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति अपने दोस्त, परिवार के सदस्य या किसी अन्य व्यक्ति के UPI अकाउंट में पैसे भेजता है तो उसे इसके लिए अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ज्यादातर मर्चेंट ट्रांजैक्शन भी मुफ्त रहेंगे। हालांकि कुछ खास तरह के बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर भविष्य में मामूली MDR लागू किया जा सकता है।
MDR लागू होने की स्थिति में यह सभी दुकानदारों या हर डिजिटल पेमेंट पर एक जैसा नहीं होगा। इसके लिए एक तय सीमा निर्धारित की जा सकती है। सरकार का कहना है कि संभावित MDR की दर डेबिट और क्रेडिट कार्ड से जुड़े MDR के मुकाबले काफी कम रखी जाएगी।
सरकार ने Payment and Settlement Systems Act, 2007 की धारा 10A में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 में प्रावधान किया गया है।
बिल को संसद से मंजूरी मिलने के बाद NPCI की अगुवाई वाली UPI and Services Steering Committee संभावित MDR को लेकर फैसला कर सकती है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, UPI ट्रांजैक्शन की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में साइबर सिक्योरिटी, फ्रॉड रोकने, तकनीकी व्यवस्था और डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश की जरूरत है।
सरकार का कहना है कि प्रस्तावित बदलाव का उद्देश्य UPI के लिए लंबे समय तक टिकाऊ व्यवस्था तैयार करना है। इसके साथ ही डिजिटल पेमेंट सेक्टर में ज्यादा कंपनियों को काम बढ़ाने और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए एक टिकाऊ रेवेन्यू मॉडल तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
फिलहाल आम UPI यूजर के लिए सबसे बड़ी राहत यही है कि उसे पैसे भेजने के लिए कोई ट्रांजैक्शन शुल्क नहीं देना होगा। P2P भुगतान फ्री रहेगा और ज्यादातर मर्चेंट पेमेंट भी मुफ्त रहने की बात सरकार ने कही है।
हालांकि, भविष्य में कुछ निर्धारित श्रेणी के बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होता है या नहीं और इसकी दर कितनी होगी, यह आगे की प्रक्रिया और संबंधित समिति के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा।
Location : New Delhi
Published : 9 August 2026, 12:52 PM IST
Topics : Business News Digital Payment UPI News