बस्तर क्षेत्र में शांति और पुनर्वास की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। प्रशासन की ‘पूना मारगेम’ पहल के तहत कुल 108 माओवादी ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापसी की है। इन सभी नक्सलियों पर मिलाकर 3.95 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।

माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
Bastar: छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में शांति और पुनर्वास की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। प्रशासन की 'पूना मारगेम' पहल के तहत कुल 108 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापसी की है। इन सभी नक्सलियों पर मिलाकर 3.95 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले कैडर लंबे समय से माओवादी संगठन से जुड़े हुए थे और कई मामलों में सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बने हुए थे। सरकार की पुनर्वास नीति और ‘पूना मारगेम’ अभियान के प्रभाव से उन्होंने हथियार छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने का फैसला किया।
प्रशासन ने बताया कि सरेंडर करने वाले सभी लोगों को सरकार की पुनर्वास योजना के तहत सहायता, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें।
'पूना मारगेम' पहल का उद्देश्य बस्तर क्षेत्र में सक्रिय माओवादी कैडरों को हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लाना है। इस अभियान के तहत लगातार जागरूकता, संवाद और पुनर्वास योजनाओं के जरिए नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि बड़ी संख्या में कैडरों के सरेंडर से बस्तर क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों को कमजोर करने और शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।