
प्रतीकात्मक छवि (Image Source Internet)
New Delhi: राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दो साल बाद दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मामलों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल 31 अगस्त तक स्वाइन फ्लू के कुल 3828 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें दिल्ली के 3218 मरीज शामिल हैं, जबकि बाकी मामले अन्य राज्यों से जुड़े हैं।
सोमवार को दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 164 नए मामले दर्ज किए गए। वहीं, इंफ्लूएंजा A और B को मिलाकर अब तक कुल 5349 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें दिल्ली के 4372 मरीज शामिल हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, साल 2024 में दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 3151 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2025 में 30 सितंबर तक सिर्फ 229 मामले सामने आए थे।
सफदरजंग अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के निदेशक प्रोफेसर डॉ. जुगल किशोर ने बताया कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाएं, अंग प्रत्यारोपण करा चुके मरीज, हार्मोनल समस्या वाले लोग, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज, बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा सतर्क रहें।
यमुनापार के कई अस्पतालों में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। GTB अस्पताल और स्वामी दयानंद अस्पताल में रोजाना 100 से ज्यादा संदिग्ध मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
हालांकि, कई अस्पतालों में H1N1 जांच के लिए टेस्ट किट उपलब्ध नहीं होने के कारण डॉक्टर लक्षणों के आधार पर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। गंभीर मरीजों को भर्ती कर निगरानी में रखा जा रहा है।
डॉक्टरों के अनुसार, रैपिड टेस्ट किट उपलब्ध होने पर H1N1 की जांच सिर्फ 10 से 15 मिनट में हो सकती है, लेकिन फिलहाल किट की कमी के कारण मरीजों के नमूने उच्चस्तरीय जांच या PCR टेस्ट के लिए भेजने पड़ रहे हैं।
डॉक्टरों ने बताया कि H1N1 के संदिग्ध श्रेणी-B मरीजों को ओसेल्टामिविर (Oseltamivir) दवा दी जा रही है। वहीं, श्रेणी-C के मरीजों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कर एंटीवायरल उपचार शुरू किया जाता है।
कम ऑक्सीजन स्तर, सांस लेने में परेशानी, मधुमेह, COPD और अस्थमा जैसी बीमारियों वाले मरीजों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को मास्क पहनने, हाथों की सफाई रखने और संक्रमित लोगों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी और ज्यादा ठंड लगने जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने को कहा गया है।
Location : New Delhi
Published : 2 September 2026, 9:53 AM IST