रिलायंस के बयान के बाद स्टारलिंक का जवाब, भारत में हाई-स्पीड इंटरनेट को लेकर क्या कहा?

रिलायंस के बयान के बाद स्टारलिंक ने भारत में अपनी तैयारियों का जिक्र किया। कंपनी ने कहा कि वह पांच साल से अधिक समय से भारतीय नियामकों और उद्योग के साथ काम कर रही है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 17 October 2026, 1:08 PM IST

नई दिल्ली: भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज और एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक के बीच बयानबाजी चर्चा में है। रिलायंस की टिप्पणी के बाद स्टारलिंक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारत में अपनी तैयारियों का जिक्र किया। कंपनी ने कहा कि वह पांच साल से अधिक समय से भारतीय नियामकों, उद्योग जगत और ऑपरेटरों के साथ मिलकर काम कर रही है और देश में हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा देने के लिए तैयार है।

स्टारलिंक ने भारत में अपनी तैयारियों पर क्या कहा?

स्टारलिंक के आधिकारिक एक्स अकाउंट से किए गए पोस्ट में कहा गया कि कंपनी ने भारत में नियामकों, उद्योग जगत और ऑपरेटरों के साथ पांच साल से अधिक समय तक काम किया है। इस दौरान भारतीय ट्रैफिक को सेवाएं देने के लिए देश में समर्पित सिस्टम, गेटवे और अन्य बुनियादी ढांचे का नेटवर्क तैयार किया गया है।

कंपनी के मुताबिक, यह इंफ्रास्ट्रक्चर भारतीय उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से इंटरनेट सेवाएं देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। स्टारलिंक ने यह भी कहा कि वह जरूरी सरकारी मंजूरियों के साथ भारत को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने के लिए तैयार है।

रिलायंस ने अपने बयान में क्या कहा था?

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने हालिया टिप्पणियों के संदर्भ में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कंपनी और भारतीय बाजार से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करना जरूरी है। कंपनी के मुताबिक, रिलायंस का विकास ऐसे भारत में हुआ है जो निवेश और नवाचार का स्वागत करता है, चाहे निवेश घरेलू हो या विदेशी, बशर्ते उससे लोगों के जीवन में सुधार हो।

रिलायंस ने यह भी कहा कि भारत का खुलापन कानून के शासन पर आधारित है। कंपनी ने सरकार के रुख का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय हो या विदेशी, हर आवेदक के लिए समान प्रक्रिया अपनाई जाती है।

जियो की सैटेलाइट सेवा को भी मंजूरी का इंतजार

रिलायंस ने अपने बयान में यह भी उल्लेख किया कि जियो की सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं को अभी आवश्यक मंजूरियों का इंतजार है। ऐसे में भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं की शुरुआत के लिए नियामकीय मंजूरी एक अहम मुद्दा बनी हुई है।

स्टारलिंक के बयान को भारत में अपनी तैयारियों और बुनियादी ढांचे के बारे में कंपनी का पक्ष माना जा सकता है। हालांकि, दोनों कंपनियों के बयानों से किसी सीधे टकराव या औपचारिक जवाबी कार्रवाई की पुष्टि नहीं होती। भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं का विस्तार आवश्यक सरकारी मंजूरियों और नियामकीय प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

Location :  New Delhi

Published :  17 October 2026, 1:08 PM IST