
79 की उम्र में सोनिया गांधी का डिजिटल डेब्यू (IMG: Dynamite News)
New Delhi: कांग्रेस की राजनीति में लंबे समय तक अहम भूमिका निभाने वाली सोनिया गांधी अब सोशल मीडिया के नए मंच पर उतर आई हैं। करीब 79 साल की उम्र में उनका इंस्टाग्राम डेब्यू इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि अब तक वह फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक रूप से सक्रिय नहीं थीं। गुरुवार सुबह करीब 9 बजे पहली पोस्ट सामने आई और शाम 6:30 बजे तक उसे 1.72 लाख लाइक्स मिल चुके थे, जबकि उनके अकाउंट के फॉलोअर्स की संख्या एक लाख एक हजार तक पहुंच गई थी।
सोनिया गांधी ने अपने पहले इंस्टाग्राम पोस्ट में आने वाली किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ का फर्स्ट लुक साझा किया। उन्होंने लिखा कि यह प्रेम, कर्तव्य, खोने के दर्द और अपनेपन की जगह तलाशने की कहानी है। उन्होंने पाठकों के साथ किताब साझा करने को लेकर उत्सुकता भी जताई। वीडियो में वह किताब के पन्ने पलटती और तस्वीरें देखती नजर आईं। उनकी बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा भी इस वीडियो में दिखाई दीं। यहां गौर करने वाली बात यह है कि सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया पर अपनी शुरुआत किसी राजनीतिक बयान से नहीं, बल्कि अपनी निजी जिंदगी और अनुभवों से जुड़ी किताब के जरिए की।
डिजिटल दौर में युवा पीढ़ी तक पहुंच बनाने के लिए राजनीतिक दल सोशल मीडिया का सहारा लेते रहे हैं। इंस्टाग्राम पर छोटे वीडियो, तस्वीरों और निजी अनुभवों के जरिए लोगों से जुड़ना संभव है। सोनिया गांधी की एंट्री को भी इसी बदलते डिजिटल माहौल के संदर्भ में देखा जा सकता है। Gen-Z के लिए किसी नेता की छवि केवल भाषणों या राजनीतिक बयानों से नहीं बनती। सोशल मीडिया पर उनकी मौजूदगी, संवाद का अंदाज और साझा की जाने वाली सामग्री भी लोगों की धारणा को प्रभावित कर सकती है। सोनिया गांधी की पहली पोस्ट में किताब और परिवार से जुड़ी झलक इस बात का उदाहरण है कि राजनीतिक पहचान से अलग भी दर्शकों के साथ संवाद बनाया जा सकता है।
सोनिया गांधी की इंस्टाग्राम एंट्री का समय भी महत्वपूर्ण है। उनकी किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ 10 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली है। ऐसे में सोशल मीडिया पर पहली पोस्ट के जरिए किताब की झलक साझा करना इसके प्रचार का सीधा माध्यम बनता है। किताब में उनके बचपन, इटली से भारत तक के सफर, राजीव गांधी से मुलाकात और विवाह तथा उनके जीवन को प्रभावित करने वाली निजी और राजनीतिक घटनाओं का जिक्र होने की उम्मीद है। सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरों के जरिए इन अनुभवों का परिचय पाठकों में किताब को लेकर दिलचस्पी पैदा कर सकता है।
सोनिया गांधी की किताब प्रकाशन से पहले ही विवाद के कारण सुर्खियों में रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, पहले इसे प्रकाशित करने वाले पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया और लेखिका के प्रतिनिधियों के बीच संपादकीय बदलावों को लेकर मतभेद सामने आए थे। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि किताब के कुछ राजनीतिक संदर्भों पर आपत्ति की गई थी। दूसरी ओर, पेंगुइन ने कहा था कि तथ्य-जांच और संपादकीय सुझाव प्रकाशन प्रक्रिया का हिस्सा हैं और विवाद को लेकर सामने आई कुछ व्याख्याएं पूरी स्थिति नहीं बतातीं। इसके बाद हार्परकॉलिन्स इंडिया ने किताब के भारतीय संस्करण को 10 नवंबर को प्रकाशित करने की घोषणा की।
Location : New Delhi
Published : 22 October 2026, 6:32 PM IST