सावन शुरू होते ही बाबा धाम में हाई अलर्ट, सुरक्षा को लेकर किये जा रहे हैं ये पुख्ता इंतजाम

Shravani Mela 2026 से पहले झारखंड पुलिस ने सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। DGP तदाशा मिश्रा ने देवघर, बासुकिनाथ और दुमका का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस बार पहली बार बड़े स्तर पर AI आधारित निगरानी प्रणाली लागू होगी, जिससे भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने का दावा किया गया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 27 July 2026, 12:17 PM IST

Deoghar: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 शुरू होने से पहले झारखंड पुलिस ने सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में राज्य की पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा ने देवघर, बाबा बासुकिनाथ धाम और दुमका का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इस बार सबसे बड़ा फोकस AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित निगरानी प्रणाली पर है, जिससे भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को पहले से अधिक मजबूत बनाने की तैयारी है।

देवघर से बासुकिनाथ तक हाई अलर्ट

DGP तदाशा मिश्रा ने बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर, कंट्रोल रूम, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी नेटवर्क और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने बाबा बासुकिनाथ धाम पहुंचकर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। दुमका में संताल परगना प्रमंडल के सभी पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रावणी मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

AI तकनीक से होगी भीड़ और सुरक्षा पर नजर

इस बार पहली बार बड़े स्तर पर AI आधारित निगरानी प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। पुलिस के अनुसार, यह तकनीक भीड़ वाले इलाकों की पहचान, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी, ट्रैफिक दबाव का विश्लेषण और कंट्रोल रूम तक रियल टाइम सूचना पहुंचाने में मदद करेगी। इससे पुलिस को त्वरित निर्णय लेने और संभावित खतरे से पहले निपटने में सहायता मिलेगी।

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पुराने अनुभवों से तैयार हुई नई रणनीति

पिछले वर्षों में श्रावणी मेले के दौरान भारी भीड़, ट्रैफिक जाम और श्रद्धालुओं के लापता होने जैसी समस्याएं सामने आई थीं। इन्हीं अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी और पुलिस बल की विशेष तैनाती की जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

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अब दावों की होगी असली परीक्षा

श्रावणी मेले में हर साल लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से जल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की पदयात्रा कर बाबा बैद्यनाथ धाम और फिर बाबा बासुकिनाथ धाम पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन कराना है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि AI तकनीक और जमीनी सुरक्षा व्यवस्था का तालमेल मेले के दौरान कितना सफल साबित होता है।

Location :  Deoghar

Published :  27 July 2026, 12:17 PM IST