
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (Img: Pinterest)
New Delhi: रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी की जरूरत बनी रहती है। ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) एक विकल्प है, जिसमें जमा रकम पर तय ब्याज मिलता है और ब्याज का भुगतान हर तिमाही किया जाता है।
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम यानी SCSS केंद्र सरकार की छोटी बचत योजनाओं में शामिल है। इसे खास तौर पर वरिष्ठ नागरिकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा असर नहीं पड़ता, इसलिए ऐसे लोग इसे पसंद करते हैं जो रिटायरमेंट के बाद नियमित और अपेक्षाकृत सुरक्षित आय चाहते हैं। इंडिया पोस्ट के अनुसार, सामान्य तौर पर 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र का व्यक्ति इस योजना में खाता खोल सकता है। कुछ शर्तों के साथ 55 से 60 वर्ष की उम्र के रिटायर्ड कर्मचारी भी इसमें निवेश कर सकते हैं।
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अगर 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज दर के आधार पर अधिकतम ₹30 लाख जमा किए जाते हैं, तो गणना के मुताबिक सालभर में करीब ₹2.46 लाख ब्याज मिलेगा। इसका मतलब है कि हर तीन महीने में करीब ₹61,500 ब्याज मिल सकता है। इस तरह देखा जाए तो मासिक औसत आय करीब ₹20,500 बैठती है। ध्यान रहे कि यह मासिक भुगतान नहीं है, बल्कि ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर किया जाता है।
निवेश: ₹30 लाख
सालाना ब्याज दर: 8.2%
सालाना ब्याज: ₹2.46 लाख
तिमाही ब्याज: ₹61,500
मासिक औसत: करीब ₹20,500
SCSS खाते की सामान्य अवधि 5 साल होती है। नियमों के तहत मैच्योरिटी के बाद इसे आगे 3 साल के लिए बढ़ाने की सुविधा भी उपलब्ध है। ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर किया जाता है। योजना में न्यूनतम निवेश ₹1,000 से शुरू किया जा सकता है, जबकि अधिकतम जमा सीमा ₹30 लाख है।
60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग इस योजना का लाभ ले सकते हैं। इसके अलावा कुछ रिटायर्ड सरकारी/निजी क्षेत्र के कर्मचारी, जिन्होंने 55 वर्ष से अधिक लेकिन 60 वर्ष से कम उम्र में रिटायरमेंट लिया है, निर्धारित शर्तों के तहत खाता खोल सकते हैं। ऐसे मामलों में रिटायरमेंट बेनिफिट मिलने के बाद तय समयसीमा के भीतर निवेश करना होता है। ([India Post][2])
SCSS खाता नजदीकी पोस्ट ऑफिस के अलावा अधिकृत बैंकों में भी खोला जा सकता है। खाता खुलवाते समय आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो और आवश्यक आयु या रिटायरमेंट से जुड़े दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
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SCSS में मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है। वहीं, पात्र निवेश पर आयकर कानून की धारा 80C से जुड़े नियमों के तहत टैक्स लाभ मिल सकता है। हालांकि टैक्स नियम व्यक्ति की कुल आय और लागू प्रावधानों पर निर्भर करते हैं।
इसलिए निवेश करने से पहले अपनी आय, टैक्स स्लैब और जरूरत के हिसाब से योजना को समझना जरूरी है। साथ ही ब्याज दरें सरकार समय-समय पर तय करती है, इसलिए खाता खोलने से पहले मौजूदा दर की पुष्टि कर लेना बेहतर है। भारत सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग की ओर से छोटी बचत योजनाओं की दरों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है।
Location : New Delhi
Published : 14 September 2026, 12:34 PM IST
Topics : SCSS Interest Rate SCSS Tax Benefits Senior Citizen Investment Scheme Senior Citizen Savings Scheme