महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार की विमान हादसे में मौत को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार से बड़ा सवाल किया है।

साबरमती विमान हादसे में अखिलेश यादव ने उठाया बड़ा सवाल
New Delhi: महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार की बुधवार सुबह साबरमती में विमान हादसे में मौत से पूरा देश स्तब्ध है। घटना की जांच तेज कर दी गई है। इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अजीत पवार की विमान हादसे में मौत को लेकर सरकार से बड़ा सवाल किया है।
अखिलेश यादव ने सवाल किया है कि देश में आखिर क्यों बार-बार विमान हादसे हो रहे हैं। उन्होंने इस हादसे पर ममता बनर्जी के बयान का समर्थन करते हुए सरकार से साबरमती विमान हादसे की जांच करने की मांग की है।
इससे पहले विमान हादसे में अजीत पवार की मौत को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बड़ा बयान सामने आया। ममता ने इस घटना में साजिश की आशंका जतायी और कहा कि देश में किसी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है।
ममता बनर्जी ने कहा कि पिछले दिनों मुझे सोशल मीडिया पर दूसरे दलों के जरिये पता चला कि अजीत पवार भाजपा का साथ छोड़ने वाले हैं। आज क्या हुआ, वो बेहद दुखद है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में अजीत पवार के विमान हादसे में मौत की जांच होनी चाहिये।
उन्होंने कहा देश में कोई भी व्यक्ति यहां तक की राजनीतिक दलों के नेता और खासकर विपक्षी नेता सुरक्षित नहीं है। ऐसी घटनाओं में किसी साजिश से इनकार नहीं किया जा सकता है।
अजित पवार का आकस्मिक निधन महाराष्ट्र की राजनीति में गहरा असर डाल सकता है। उनके राजनीतिक कार्यक्रम और आगामी विधानसभा चुनावों में यह एक बड़ा झटका साबित होगा। विपक्षी दलों के नेताओं ने भी इस हादसे की जांच और राजनीतिक सुरक्षा पर सरकार को जवाबदेह ठहराया है।
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के वर्षों में विमान हादसों में वृद्धि तकनीकी, रखरखाव और मानवीय त्रुटियों का संयोजन हो सकता है। ऐसे में सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सुरक्षा मानकों की समीक्षा और कड़े नियम लागू करना अनिवार्य है।
DGCA और AAIB की टीमें हादसे की सभी संभावित वजहों की जांच कर रही हैं। विमान का ब्लैक बॉक्स, पायलटों की ट्रेनिंग रिकॉर्ड और ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) संचार की समीक्षा की जा रही है। इसके अलावा, सुरक्षा एजेंसियां राजनीतिक नेताओं और वीआईपी उड़ानों की सुरक्षा प्रक्रिया को भी फिर से जांच रही हैं।