भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर हमेशा चर्चा होती है। आज की स्थिति स्थिर है, लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता ने विशेषज्ञों को सतर्क कर दिया है। सरकार की एक्साइज ड्यूटी कटौती ने तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा दिया है। जानिए शहरवार रेट्स और संभावित बदलाव।

प्रतीकात्मक तस्वीर (Img: Google)
New Delhi: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर हमेशा उपभोक्ताओं की निगाहें तंगी रहती हैं। 3 अप्रैल 2026 को तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने फिलहाल कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मुद्रा विनिमय दरों में बदलाव जारी है, लेकिन भारत में कीमतों की स्थिरता उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है।
पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच चल रहे संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार को अस्थिर कर रखा है। होर्मुज स्ट्रेट के जरिए तेल की शिपमेंट में संभावित रुकावट की आशंकाओं ने वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव बढ़ा दिया है। इस मार्ग से दुनिया के कुल तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है।
सरकार ने हाल ही में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये की कटौती की है। इससे तेल कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी कीमतों का भार स्वयं उठाना पड़ रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 104 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है।
देश के प्रमुख शहरों में आज की कीमतें इस प्रकार हैं-
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विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिलेगी, लेकिन वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव किसी भी दिन कीमतों में हलचल ला सकते हैं। इसलिए आम जनता को बाजार की खबरों पर नजर बनाए रखनी होगी।