पूरे देश में विपक्षी पार्टियों द्वारा एसआईआर पर चल रहे घमासान के बाद एसआईआर को लेकर बड़ी खबर सामने आयी है। चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) फेज-2 के शेड्यूल में बदलाव किया है। अब ड्राफ्ट रोल 16 दिसंबर को जारी होगा।

चुनाव आयोग ने एसआईआर की समय सीमा बढ़ाई
New Delhi: एसआईआर को लेकर पूरे देश में विपक्षी पार्टियों द्वारा जबरदस्त विरोध किया जा रहा है। इस बीच चुनाव आयोग ने एसआईआर अभियान की समय सीमा को 11 दिसंबर तक बढ़ाया गया है। इसके अलावा 12 राज्यों में इसकी समय सीमा को 7 दिन तक बढ़ाया गया है। आयोग ने तय अवधि में सात दिन की अतिरिक्त बढ़ोतरी की है, ताकि पात्र मतदाताओं से जुड़ी शेष प्रक्रियाएं पूरी की जा सकें।
जानकारी के अनुसार निर्वाचन आयोग ने यह फैसला राजनीतिक दलों की चिंताओं के बाद लिया। विपक्षी दलों ने शिकायत की थी कि देशभर में कई जगह BLOs (बूथ लेवल ऑफिसर्स) की कमी है और समय पर काम पूरा करना मुश्किल हो रहा है। इसी वजह से आयोग ने सभी 12 राज्यों में SIR की समयसीमा बढ़ा दी है।
पहले 12 राज्यों में चल रही SIR प्रक्रिया में फॉर्म जमा करने आखिरी तारीख 4 दिसंबर थी। चुनाव आयोग ने यह फैसला तब लिया जब कई जिलों और प्रदेशों में BLO पर काम का दबाव ज्यादा होने की बात कही जा रही थी। पहले जहां 9 दिसंबर 2025 को मसौदा मतदाता सूची जारी होनी थी, अब इसे एक हफ्ते आगे बढ़ा दिया गया है। अब ये ड्राफ्ट 16 दिसंबर 2025 को पब्लिश किया जाएगा।
यह विस्तार उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए है, जहां SIR पहले से चल रही थी। इनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का नाम शामिल है। बता दें कि एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तिथि 4 दिसंबर तक थी। यानी सिर्फ 4 दिन शेष रह गए थे।
देश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर फेज-II के तहत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची अपडेट का काम तेज गति से आगे बढ़ रहा है। निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 40 करोड़ यानी करीब 79 फीसदी फॉर्म डिजिटल हो चुके हैं। राज्यों की बात करें तो गोवा इस प्रक्रिया में सबसे आगे है, जहां डिजिटाइजेशन का स्तर 95 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया है।