SIR विरोध प्रदर्शन के बीच नेहा बोरा की याचिका पर सुनवाई, SEM के नोटिस को दी चुनौती

AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने दिल्ली पुलिस के 10,000 रुपये का बॉन्ड भरने संबंधी नोटिस को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। BNSS की धारा 126 के तहत जारी इस नोटिस को रद्द करने और दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर 21 अक्टूबर को सुनवाई होगी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 21 October 2026, 3:07 PM IST

New Delhi: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को शांति बनाए रखने के लिए 10,000 रुपये का बॉन्ड भरने का निर्देश देने वाला दिल्ली पुलिस का नोटिस अब अदालत में चुनौती के घेरे में है। नेहा बोरा की याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट सहमत हो गया है। बुधवार, 21 अक्टूबर को अदालत उनकी याचिका पर सुनवाई करेगी। बोरा ने विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की ओर से जारी नोटिस को रद्द करने और अपने खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।

दिल्ली पुलिस के नोटिस को दी चुनौती

नेहा बोरा ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करते हुए दिल्ली पुलिस के नोटिस को चुनौती दी थी। उन्होंने मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की थी, लेकिन दशहरा अवकाश के कारण उस रात सुनवाई नहीं हो सकी। अब हाईकोर्ट उनकी याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है।

बोरा की याचिका में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के उस निर्देश को खारिज करने की मांग की गई है, जिसके तहत उन्हें जांच की अवधि के दौरान शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड भरने को कहा गया है। साथ ही, उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि दिल्ली पुलिस को उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया जाए।

17 अक्टूबर को जारी हुआ था नोटिस

दिल्ली पुलिस ने नेहा बोरा को 17 अक्टूबर को नोटिस जारी किया था। इसमें उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 के तहत 19 अक्टूबर को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने को कहा गया था।

नोटिस में बोरा से यह बताने को कहा गया था कि जांच की अवधि के दौरान शांति बनाए रखने के लिए उनसे एक जमानतदार के साथ 10,000 रुपये का व्यक्तिगत बॉन्ड क्यों न भरवाया जाए। इसी निर्देश को लेकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

SIR विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रही हैं नेहा बोरा

नेहा बोरा निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हुए हालिया विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रही हैं। इन प्रदर्शनों के बीच पुलिस की ओर से जारी बॉन्ड संबंधी नोटिस का मामला अब अदालत पहुंच गया है।

क्या कहती है BNSS की धारा 126?

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 के तहत, यदि किसी व्यक्ति के बारे में विश्वसनीय जानकारी हो कि वह शांति भंग कर सकता है या सार्वजनिक शांति को बाधित करने वाला कोई काम कर सकता है, तो सक्षम कार्यकारी मजिस्ट्रेट उससे शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड भरने की मांग कर सकता है।

अब दिल्ली हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान नेहा बोरा की ओर से उठाए गए सवालों पर विचार किया जाएगा। अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है और उन्हें कोई अंतरिम राहत मिलती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।

Location :  New Delhi

Published :  21 October 2026, 3:07 PM IST