
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Source: Pinterest)
New Delhi: विदेश में बैठकर भारत में ड्रग्स का नेटवर्क चलाने के आरोपों से घिरे नवप्रीत सिंह को आखिरकार तुर्की से भारत वापस लाया गया है। फर्जी पहचान के सहारे तुर्की की नागरिकता हासिल करने वाले नवप्रीत पर अफगानिस्तान से भारत तक हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का हिस्सा होने का आरोप है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उसकी डिपोर्टेशन को जांच एजेंसियों की बड़ी कामयाबी बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार दिसंबर 2029 से पहले देश में हर नार्को-कार्टेल को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अमित शाह के मुताबिक, नवप्रीत सिंह ने 'नवाब विर्क' नाम की फर्जी पहचान के जरिए तुर्की की नागरिकता हासिल की थी। इसके बावजूद वह कथित तौर पर अफगानिस्तान से भारत तक नशीले पदार्थों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क में सक्रिय रहा। भारतीय एजेंसियों ने उसकी असली पहचान का पता लगाने के लिए लंबी जांच की और कई कड़ियों को जोड़ते हुए उसके बारे में जानकारी जुटाई। जांच के बाद तुर्की से उसे डिपोर्ट करवाकर भारत लाया गया। भारत पहुंचने के बाद उसे ड्रग तस्करी और अन्य कथित अपराधों से जुड़े मामलों में हिरासत में लिया गया है। अब जांच एजेंसियां उसके नेटवर्क और उससे जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।
नवप्रीत सिंह का नाम भारत, अफगानिस्तान और तुर्की के बीच चल रहे कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट की जांच के दौरान सामने आया था। एजेंसियों के अनुसार, वह तुर्की में बैठकर नेटवर्क को संचालित करने वाला प्रमुख व्यक्ति था। उसका चचेरा भाई प्रभदीप सिंह भारत में इस नेटवर्क के ऑपरेशन से जुड़ी अहम कड़ी बताया गया। जांच की शुरुआत 2021 में दक्षिण दिल्ली में रिजवान कश्मीरी की गिरफ्तारी के बाद हुई थी। पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को कई राज्यों और अफगान नागरिकों से जुड़े ड्रग नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली। आगे की कार्रवाई में फरीदाबाद से बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद हुई।
अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान दो अलग-अलग गाड़ियों से कुल 281 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई। एक गाड़ी से 166 किलोग्राम और दूसरी से 115 किलोग्राम हेरोइन मिली। इस बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों ने कथित सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई तेज की।
इसी मामले में नवप्रीत सिंह के चचेरे भाई प्रभदीप सिंह की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। एजेंसियों के मुताबिक, मई में अजरबैजान के बाकू में एक फ्लैट से उसका पता लगाया गया था। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी था। इसके बाद CBI और दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम उसे भारत लेकर आई। इस कार्रवाई में विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने भी सहयोग किया। अब नवप्रीत की भारत वापसी के बाद एजेंसियां कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की बाकी कड़ियों की जांच कर रही हैं।
अमित शाह ने नवप्रीत सिंह को भारत वापस लाने के लिए जांच एजेंसियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार दिसंबर 2029 से पहले देश में हर नार्को-कार्टेल को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। नवप्रीत की डिपोर्टेशन को इसी अभियान के तहत एक अहम कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
Turkey से भारत डिपोर्ट किए गए नवप्रीत सिंह पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े होने का आरोप है। गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि फर्जी पहचान के जरिए तुर्की की नागरिकता हासिल करने के बावजूद वह कथित तौर पर भारत में ड्रग नेटवर्क चला रहा था। जानिए 2021 से शुरू हुई जांच, 281 किलो हेरोइन की बरामदगी और उसके चचेरे भाई प्रभदीप सिंह से जुड़ी पूरी कहानी।
Location : New Delhi
Published : 3 October 2026, 4:11 PM IST