प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 130वीं कड़ी में गणतंत्र दिवस और राष्ट्रीय मतदाता दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने Start-up India, गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सहभागिता और भारतीय संस्कृति को मजबूत करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात की 130वीं कड़ी
New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जनवरी 2026 को ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 130वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित किया। यह साल 2026 का पहला ‘मन की बात’ कार्यक्रम था, जिसमें प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस, राष्ट्रीय मतदाता दिवस, Start-up India, गुणवत्ता (Quality), पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सहभागिता और संस्कृति से जुड़े अनेक विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 26 जनवरी को देश गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है, जो संविधान लागू होने का प्रतीक है। वहीं 25 जनवरी राष्ट्रीय मतदाता दिवस है। उन्होंने मतदाता को लोकतंत्र की आत्मा बताते हुए युवाओं से 18 वर्ष की आयु पूरी होते ही वोटर के रूप में पंजीकरण कराने की अपील की। प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि पहली बार मतदाता बनने को एक उत्सव की तरह मनाया जाना चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक चेतना और मजबूत हो।
प्रधानमंत्री मोदी ने Start-up India की 10वीं वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा Start-up Ecosystem बन चुका है। AI, Space, Nuclear Energy, Semiconductor, Green Hydrogen और Biotechnology जैसे क्षेत्रों में भारतीय Start-ups वैश्विक पहचान बना रहे हैं। उन्होंने युवाओं के नवाचार और साहस की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने उद्योग और Start-up जगत से जुड़े युवाओं से गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि “चलता है” वाला दौर खत्म हो चुका है। Indian Product का अर्थ ही Top Quality होना चाहिए। Textiles से लेकर Technology और Packaging तक Excellence को Benchmark बनाने की अपील की।
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में तमसा नदी के पुनर्जीवन और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में ‘अनंत नीरू संरक्षणम प्रोजेक्ट’ का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने जन-भागीदारी की शक्ति को रेखांकित किया।
जलाशयों की सफाई, वृक्षारोपण और पारिस्थितिकी तंत्र के पुनरुद्धार को उन्होंने प्रेरणादायक बताया।
प्रधानमंत्री ने युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहे ‘भजन क्लबिंग’ ट्रेंड की सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक मंच और संगीत के बावजूद भक्ति की गरिमा और भावनात्मक शुद्धता बनी हुई है, जो भारतीय संस्कृति की जीवंतता को दर्शाता है।
मलेशिया में भारतीय समुदाय के योगदान की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि वहां 500 से अधिक तमिल स्कूल संचालित हो रहे हैं। ‘Malaysia India Heritage Society’ द्वारा आयोजित ‘लाल पाड़ साड़ी वॉक’ को सांस्कृतिक सेतु का उदाहरण बताया।
अरुणाचल प्रदेश, असम, बेंगलुरु और चेन्नई में युवाओं द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियानों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि लाखों किलो कचरा हटाया जा चुका है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत देश में 200 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए जाने की जानकारी भी दी।
प्रधानमंत्री ने श्रीअन्न को Super Food बताते हुए महिला किसानों और Farmer Producer Companies की सराहना की। Millets से स्वास्थ्य सुधार और किसानों की आय बढ़ने को उन्होंने विकसित भारत की दिशा में अहम कदम बताया।
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कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने फरवरी में होने वाले India AI Impact Summit का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सम्मेलन AI क्षेत्र में भारत की वैश्विक भूमिका को प्रदर्शित करेगा। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए ‘मन की बात’ का समापन किया।