Kolkata Stampede: भगदड़ से दो दिन पहले भी टूटी थी बैरिकेडिंग, फिर क्यों नहीं संभली चोरबागान पंडाल की भीड़?

Kolkata Stampede में चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में 19 लोगों की मौत और 25 लोगों के घायल होने की खबर है। हादसे से पहले भी भीड़ और बैरिकेडिंग टूटने के वीडियो सामने आए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 18 October 2026, 1:22 PM IST

Kolkata Stampede: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान चोरबागान सार्वजनीन दुर्गोत्सव पंडाल में हुई भगदड़ ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 17 अक्टूबर की शाम हुई इस घटना में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य घायल हुए। अब सामने आए वीडियो और स्थानीय लोगों के दावों से पता चला है कि हादसे से पहले भी पंडाल में भारी भीड़ और बैरिकेडिंग पर दबाव की स्थिति बनी थी।

भगदड़ से पहले भी बेकाबू हुई थी भीड़

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चोरबागान पंडाल में हादसे से पहले भी भीड़ को नियंत्रित करने में मुश्किलें सामने आई थीं। घटना से पहले के दिनों के वीडियो में लोगों को बैरिकेडिंग पार करते और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करते देखा गया। इससे आयोजन स्थल पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पहले की घटनाओं और मौजूदा हादसे के बीच संबंध की जांच जरूरी है।

बारिश और घोषणा के बाद मची अफरा-तफरी

रिपोर्टों के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 7:30 से 7:40 बजे के बीच अचानक तेज बारिश शुरू हुई। पंडाल के बाहर दर्शन के लिए इंतजार कर रहे लोग बारिश से बचने के लिए आगे बढ़ने लगे। इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ गया।

बताया गया कि पंडाल की संरचना को लेकर लाउडस्पीकर पर की गई एक घोषणा से भी लोगों में घबराहट फैल गई। इसके बाद निकास द्वार के पास भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। संकरी गलियों और सीमित निकास रास्तों के कारण लोगों को बाहर निकलने में परेशानी हुई। हादसे के सटीक कारणों की जांच की जा रही है।

91 साल पुराने पंडाल में क्यों उमड़ी थी भीड़?

चोरबागान सार्वजनीन दुर्गोत्सव पंडाल उत्तर कोलकाता के प्रसिद्ध पूजा स्थलों में गिना जाता है। इसकी स्थापना को करीब 91 साल हो चुके हैं। इस साल भी पंडाल को बड़ी संख्या में श्रद्धालु देखने पहुंचे थे। संकरी सड़क और प्रवेश-निकास के सीमित रास्तों के कारण भारी भीड़ को संभालना चुनौतीपूर्ण था।

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जांच के आदेश, आयोजकों पर कार्रवाई

हादसे के बाद प्रशासन ने पंडाल को बंद कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, मामले में आयोजक समिति से जुड़े लोगों और सुरक्षा कर्मियों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। घायलों के लिए भी आर्थिक सहायता घोषित की गई है।

अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि पहले से दिखाई दे रहे भीड़ के दबाव के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त क्यों नहीं थी और हादसे के लिए किसकी जिम्मेदारी बनती है।

Location :  Kolkata

Published :  18 October 2026, 1:22 PM IST