
जामिया में बवाल (सोर्स- एक्स)
New Delhi: देश के प्रतिष्ठित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय परिसर में हो रहे हंगामे और विरोध प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की औपचारिक शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन प्रमुख सांसदों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोप है कि इन राजनेताओं ने बिना अनुमति के विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश किया और छात्रों को भड़काकर शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया। इस कार्रवाई के बाद से राजनीतिक और शैक्षणिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर मोहम्मद महताब आलम रिजवी द्वारा जामिया नगर थाने में दी गई शिकायत के मुताबिक, यह पूरा विवाद तब गहराया जब कुछ सांसद और बाहरी लोग बिना किसी पूर्व अनुमति के विश्वविद्यालय परिसर के भीतर दाखिल हो गए। एफआईआर में सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, महाराष्ट्र से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को नामजद किया गया है।
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प्रशासन का कहना है कि इन नेताओं की मौजूदगी और उनके बयानों से परिसर का शांतिपूर्ण माहौल बाधित हुआ। पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, विपक्षी सांसदों और नेताओं ने 23 अक्टूबर को सुरक्षा व्यवस्था को ताक पर रखते हुए कथित तौर पर विश्वविद्यालय की दीवार फांदकर जबरन परिसर में प्रवेश किया था। इसके बाद उन्होंने वहां प्रदर्शन कर रहे छात्रों को संबोधित भी किया। हालांकि, उसी रात दिल्ली पुलिस ने नौ अन्य व्यक्तियों के साथ इन सांसदों को विश्वविद्यालय के पास से हिरासत में ले लिया था।
दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि कुछ राजनेताओं ने अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए जामिया मिल्लिया इस्लामिया को एक मंच के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, इन नेताओं के समर्थन और शह की वजह से 500 से अधिक बाहरी लोग जबरन विश्वविद्यालय परिसर में घुस आए।
प्रशासन का यह भी मानना है कि इस बाहरी भीड़ के इकट्ठा होने से न केवल विश्वविद्यालय की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई, बल्कि वहां अध्ययनरत छात्राओं और अन्य विद्यार्थियों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा पैदा हो गया था। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस हंगामे के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे।
एक तरफ जहां नेताओं के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ विश्वविद्यालय के भीतर छात्रों का विरोध प्रदर्शन रविवार को भी लगातार जारी रहा। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष ने छात्रों के खिलाफ एक अलग शिकायत दर्ज कराई।
Location : New Delhi
Published : 26 October 2026, 9:16 AM IST